


जयपुर के त्रिपोलिया बाजार में 22 दिसंबर 2019 को मोटरसाइकिल पर बैठे साढे चार साल के बच्चे फैजुद्दीन की प्रतिबंधित चाइनीस मांझे से गर्दन कटने से मौत हो गई थी। इस मामले में जयपुर मेट्रो-द्वितीय की एडीजे कोर्ट-7 ने पुलिस कमिश्नर,जिला कलक्टर,एसडीओ और एसएचओ मानक चौक को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। कोर्ट ने बच्चे की मां फरहानाज को मुआवजे के तौर पर 5.50 लाख रुपए की राशि दायर करने से 9 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने के निर्देश दिए।
जयपुर मेट्रो-द्वितीय की एडीजे कोर्ट-7 नीरज गुप्ता ने फैसले में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अविवाहित बेटे की मौत की स्थिति में केवल उसकी माता को ही आश्रित की श्रेणी में माना है। इसलिए मुआवजा राशि मां को ही दिलवाई जा रही है। कोर्ट ने यह आदेश मृतक बच्चे के पिता दिल्ली रोड, ईदगाह निवासी अजीजुदीन और मां सहित अन्य परिजनों के क्षतिपूर्ति दावे पर दिया।
अधिवक्ता बसंत सैनी ने बताया कि 22 दिसंबर 2019 को फैजुदीन अपने पिता और भाई के साथ त्रिपोलिया बाजार से किशनपोल बाजार जा रहा था। शाम पांच बजे करीब जब वे रेड लाइट पर रुके तो वादी को उसकी जैकेट पर कुछ रगड़ने और कटने का अहसास हुआ। तभी आगे बैठा फैजुदीन चिल्लाया तो उसने मोटर साइकिल रोकी। वे रुकते तब तक चाइनीज मांझे ने उसके बेटे की गर्दन काट दी। उसने मांझा तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन टूटा नहीं। मांझे ने उसके बेटे की गर्दन को बुरी तरह से काट दिया था। बच्चे को एसएमएस अस्पताल के आपातकालीन वार्ड ले जाया गया, लेकिन खून नहीं रुकने के चलते उसकी मौत हो गई।