


पुलिस मुख्यालय सीआईडी क्राइम ब्रांच की टीम ने कोटपूतली बहरोड जिले के विराटनगर थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 3808.60 किलोग्राम दुर्लभ अवैध लाल चंदन की लकड़ी के 144 नग बरामद किए हैं। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 करोड रुपए है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध दिनेश एमएन ने बताया कि प्रदेश में पहली बार इतनी भारी मात्रा में उच्च क्वालिटी का बहुमूल्य लाल चंदन की लकड़ी पकड़ी गई है। सोमवार की कारवाई में मौके से चार तस्करों को पकड़ एक बोलेरो व ब्रेजा गाड़ी भी जप्त की गई है। पकड़े गए चारों आरोपियों को थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है।
क्राइम ब्रांच के एएसआई बनवारी लाल शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम को आसूचना प्राप्त होने पर आईजी प्रफुल्ल कुमार के पर्यवेक्षण एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विद्या प्रकाश के सुपरविजन में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
एडीजी एमएन ने बताया कि चंदन को आगे सप्लाई करने के लिये रोड किनारे गाड़ी में लोड करते समय आरोपी आशीष कुमार पुत्र कमल सिंह निवासी भजीट थाना एमआईए अलवर, मुकेश गुर्जर पुत्र अर्जुन लाल व अशोक मीणा पुत्र रतनलाल निवासी देवन थाना शाहपुरा जिला जयपुर ग्रामीण एवं जफरुद्दीन पुत्र सुल्तान मेव निवासी रतवाका थाना मालाखेड़ा अलवर को विराट नगर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया।
एडीजी ने बताया कि मौके से विकास पुत्र श्रीचंद निवासी भजीट थाना एमआईए, आबिद मेव निवासी जटियाना थाना सदर अलवर, विकास मीणा व नरेश मीणा पुत्र सियाराम निवासी बागावास थाना भाभरू जिला कोटपूतली फरार हो गए। इनमें रमेश मीणा इस गिरोह का मुख्य सरगना है। आरोपी की तलाश में टीम गठित कर दी गई है। इसकी गिरफ्तारी पर बड़े नेटवर्क के खुलासा होने की संभावना है।
एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि लाल चंदन की तस्करी दक्षिण भारत के तमिलनाडु व कर्नाटक राज्य से होती है जिसका परिवहन, संग्रहण और बेचना बिना अनुमति के अवैध है। मामले में कर्नाटक-तमिलनाडु एंगल की तरफ भी जांच की जाएगी। प्रारंभिक जानकारी में आरोपी लाल चंदन को अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई करते थे।
एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि इस कार्रवाई में एएसआई बनवारी लाल, हेड कांस्टेबल, सुरेश व सोहन सिंह तथा कांस्टेबल जितेंद्र कुमार, अरुण कुमार, कुलदीप सिंह व कांस्टेबल चालक सुरेश कुमार की विशेष भूमिका रही है।