


कांग्रेस की दिल्ली में विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक वरिष्ठ पर्यवेक्षक मधुसूदन मिस्त्री और स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई की मौजूदगी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रभारी सुखजिंदर रंधाव, तीनों सह प्रभारी अमृता धवन,वीरेंद्र सिंह,काजी निजामुद्दीन, कांग्रेस केंद्रीय कमेटी के सदस्य सचिन पायलट, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ 6 घंटे की लंबी बैठक हुई। लंबे मंथन के बाद लगभग 100 सीटों पर नाम तय किए जाने की बात सामने आ रही है। इसके अलावा 50 से अधिक सीटों पर विवाद जारी है।
अलवर जिले सीटों के नाम का फैसला मध्य प्रदेश के चुनाव प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह के कारण अटकी हुई है। सर्वे के मुताबिक भंवर जितेंद्र सिंह को चुनाव लड़ने की बात सामने आ रही है। लेकिन बहुत जितेंद्र सिंह चुनाव लड़ने की इच्छुक नहीं है ऐसे में मामला पेचीदा बनता जा रहा है। भंवर जितेंद्र सिंह की सहमति के बिना की सूची फाइनल होना संभव नहीं है ऐसे में राहुल गांधी और उनकी बातचीत के बाद यह सूची फाइनल हो पाएगी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने मंत्री और विधायकों को टिकट दिलाने के लिए पुरजोर कोशिश में लगे हैं। माहौल बनाने के लिए उन्होंने जयपुर में पत्रकारों से बातचीत करके सचिन पायलट को विवादित बनाने का प्रयास किया। सीएम गहलोत की कोशिश है कि वे अधिकांश उन विधायकों को और मंत्रियों को टिकट दिलाने की कोशिश में लगे हैं जिन्होंने सरकार का समर्थन किया था। सर्वे के मुताबिक कईयों के नाम कटने हैं पर सीएम गहलोत उनकी पुरजोर वकालत कर रहे हैं। सीएम गहलोत इंडिया एलायंस के तहत कुछ सीटों पर समझौता करने का अधिकार भी लेना चाहते हैं। लेकिन सचिन पायलटइसका खुला विरोध कर रहे हैं। इन सब बातों के बीच स्क्रीनिंग कमेटी की एक बार फिर बैठक होगी उसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति के समक्ष अंतिम निर्णय के लिए पैनल भेजा जाएगा।
पहली सूची में सीएम अशोक गहलोत,सचिन पायलट,गोविंद सिंह डोटासरा,डॉ. सीपी जोशी सहित कई मंत्री और विधायकों के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। 18 अक्टूबर को देर रात तक लगभग 80 से अधिकउम्मीदवारों की सूची सामने आने की संभावना है। विवादों से बचने के लिए दूसरी सूची कुछ देरी से जारी की जाएगी। जयपुर की कई सीटों पर नाम बदले जाने की चर्चा जोरों पर है इस बात को लेकर दिल्ली में जोर अजमाइश दौर चल रहा है। जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटा, नागौर, पाली, अजमेर, उदयपुर, बांसवाड़ा, उदयपर, सीकर, झुंझुनू, धौलपुर, करौली, दोसा, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और हनुमानगढ़, गंगानगर जिलों में कई सीटों पर विवाद जारी है। सर्वे के मुताबिक कई मंत्री और विधायकों का नाम काटा जाना है लेकिन सीएम गहलोत उन्हें टिकट दिलवाने के लिए अपनी दलीलें देने के लिए तैयार हैं।
राहुल गांधी के मुताबिक युवाओं को टिकट देने की बात पर सूची अटकी हुई है सचिन पायलट ने सीधे तौर पर गौरव गोगोई से बात की है और मामला राहुल गांधी के स्तर पर फैसला होना है। भंवर जितेंद्र सिंह के कारण भी सूची में देरी हो रही है। अब चाहे कुछ भी हो लेकिन विवाद के बावजूद पहली सूची जारी हो जाएगी।