Saturday, 29 August 2026

प्रोबासी बेंंगाली कल्चरल सोसायटी की ओर से पांच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव 19 अक्टूबर से जय क्लब प्रांगण में होगा शुरू


प्रोबासी बेंंगाली कल्चरल सोसायटी की ओर से पांच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव 19 अक्टूबर से जय क्लब प्रांगण में होगा शुरू

प्रोबासी बेंंगाली कल्चरल सोसायटी की ओर से पांच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव 19 अक्टूबर से जय क्लब प्रांगण में शुरू हो रहा है।  जय क्लब में आयोजित होने वाली दुर्गा पूजा राजस्थान की सबसे बड़ी दुर्गा पूजा होती है। पिछले 28 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन जय क्लब प्रांगण में हो रहा इस तरह यह 29वां वर्ष है। पांच दिवसीय महोत्सव की शुरुआत 19 अक्टूबर पंचमी से होगी। 

प्रोबासी बेंंगाली कल्चरल सोसायटी अध्यक्ष डॉ. एस के सरकार ने बताया कि इस दिन दुर्गा माता की मूर्ति स्थापना की जाएगी । इसके पश्चात आनोंदो मेला होगा इसमें सोसायटी की महिलाएं स्वयं पकवान बनाकर स्टॉल लगाएंगी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 20 अक्टूबर को षष्ठी को सांयकाल में मां दुर्गा का अधिवास आमंत्रण किया जाएगा जिसमें मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसके बाद बच्चों का नृत्य प्रतियोगिता आयोजित होगी। 

उन्होंने बताया कि  21 अक्टूबर सप्तमी से प्रतिदिन प्रातः माता की आरती और पुष्पांजली के पश्चात फल प्रसादी का वितरण किया जाएगा और विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। दोपहर में भोग प्रसादी वितरण किया जाएगा और सांयकाल नृत्य और संगीत का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 22 अक्टूबर को महाअष्टमी को सांयकाल में संधि पूजा होगी यह पूजा दुर्गा पूजा की सबसे महत्वपूर्ण पूजा होती है यह वह समय होता है जब अष्टमी समाप्त होती है और नवमी आरंभ होती है शास्त्रों के अनुसार इसी समय मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था। इस पूजा में मां दुर्गा का श्रृंगार करके 108 दीपकों से आरती होती है और एक कद्दू एक केला और एक गन्ने की बलि दी जाती है। 23 अक्टूबर महा नवमी को प्रातः महा नवमी पूजा होगीऔर कन्या पूजन किया जाएगा जिसमें 9 कन्याओं का विधिवत पूजन कर उन्हें भेंट दी जाएगी और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया जाएगा और हवन के साथ ही पूर्णाहुति होगी। इसके पश्चात प्रतिदिन की भांति प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी और माता का भोग वितरण किया जाएगा। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम के मध्य में स्मारिका का लक्की ड्रा निकाला जाएगा।

प्रोबासी बेंंगाली कल्चरल सोसायटी अध्यक्ष डॉ. एस के सरकार ने बताया कि 24 अक्टूबर को दशमी को प्रातः आरती और पूजा के बाद दर्पण विसर्जन होगा इसमें माता की तस्वीर नीचे रखे पानी के पात्र में दिखाई देती है। इसके पश्चात पारितोषिक वितरण समारोह होगा इसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वालों को पारितोषिक दिया जाएगा। दोपहर 2 बजे से सिन्दूर उत्सव होगा जिसमें महिलाएं माता को सिन्दूर चढ़ाकर एक दूसरे को लगाती हैं और बड़े बुजुर्गो के पैर छूती है और बड़े बुजुर्ग उन्हें खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं। शाम को 4 बजे शोभायात्रा के रूप में मां दुर्गा मां लक्ष्मी मां सरस्वती गणेश और कार्तिकेय की मूर्ति को ले जा कर नेवटा बांध में विसर्जित कर पांच दिनों से चल रहे इस महोत्सव का समापन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पांच दिवसीय शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव। शास्त्रों में दुर्गा पूजा का एक अलग ही महत्व है शास्त्रों के अनुसार इस समय मां  दुर्गा अपने बच्चों  मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, गणेश और कार्तिकेय के साथ अपने पीहर आती हैं और इसी समय मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, गणेश और कार्तिकेय की विधिवत पूजा की जाती है। 

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