


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार कोराजस्थान के मसले को लेकर कोर कमेटी की बैठक दिल्ली में बुलाई है। वही भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक भी 17 और 19 अक्टूबर को आयोजित की जा सकती है ! इसमें मध्य प्रदेश ,छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बचे हुए उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा कर निर्णय लिया जा सकता है। तेलंगाना को लेकर पहली सूची 22 अक्टूबर के बाद ही आएगी।
पेपर लीक मामले में एक बार फिर से ईडी एक्टिव हो गई है। ईडी की राजस्थान और दिल्ली की टीम ने आज सुबह से पूरे प्रदेश भर में एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर सर्च शुरू किया।राजस्थान में ईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई को लेकर हर जगह चर्चा बनी हुई है। ईडी की यह रेड पेपर लीक प्रकरण से जुड़े हुए लोगों के आवास और कार्यालयों में की जा रही हैं। राजस्थान में सर्च जयपुर, नागौर, भीलवाड़ा में करीब 10 पॉइंटों पर की जा रही हैं।इस रेड में करीब 150 से अधिक ईडी के अधिकारी हैं ईडी ने केन्द्रीय सुरक्षा बल को अपने साथ में लिया हुआ हैं।
पेपर लीक मामले में बाबूलाल कटारा,भूपेन्द्र सारण से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के बाद ईडी आक्रामक होकर जांच करने लगी हैं। ईडी ने दोनों आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद दिनेश खोडनिया,अशोक जैन, सुरेश ढाका की मित्र स्पर्धा चौधरी के यहां सर्च किया। इस सर्च के दौरान ईडी को इन लोगों के आवास और कार्यालयों से कई दस्तावेज मिले जिस में आपत्तिजन दस्तावेज भी शामिल हैं साथ ही 24 लाख रुपए नकद भी मिले थे। ईडी ने इन दस्तावेजों को जब्त कर ईडी के जयपुर मुख्यालय लेकर आई थी। जब्त दस्तावेजों की जांच के बाद ईडी ने आज दिल्ली,राजस्थान की टीम के साथ मिलकर सर्च का ऑपरेशन किया। हालांकि इस सर्च को गोपनीय रखा गया है जिससे किसी को सर्च के बारे में जानकारी ना मिले।
जानकार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पेपर लेने वाले अभ्यर्थियों के ठिकानों पर यह सर्च की जा रही हैं। प्ररम्भिक जांच में सामने आया कि 8 से 10 लाख रुपए में पेपर लेने वाले कुछ लोग कोचिंग संचालक भी थे। इन कोचिंग संचालकों ने बड़ी संख्या में छात्रों को पेपर दिया जिस के लिए इन कोचिंग संचालकों ने पैसा लिया हैं।
पेपर लीक मामले में एक बार फिर से ईडी एक्टिव हो गई है। ईडी की राजस्थान और दिल्ली की टीम ने आज सुबह से पूरे प्रदेश भर में एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर सर्च शुरू किया।राजस्थान में ईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई को लेकर हर जगह चर्चा बनी हुई है। ईडी की यह रेड पेपर लीक प्रकरण से जुड़े हुए लोगों के आवास और कार्यालयों में की जा रही हैं। राजस्थान में सर्च जयपुर, नागौर, भीलवाड़ा में करीब 10 पॉइंटों पर की जा रही हैं।इस रेड में करीब 150 से अधिक ईडी के अधिकारी हैं ईडी ने केन्द्रीय सुरक्षा बल को अपने साथ में लिया हुआ हैं।
पेपर लीक मामले में बाबूलाल कटारा,भूपेन्द्र सारण से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के बाद ईडी आक्रामक होकर जांच करने लगी हैं। ईडी ने दोनों आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद दिनेश खोडनिया,अशोक जैन, सुरेश ढाका की मित्र स्पर्धा चौधरी के यहां सर्च किया। इस सर्च के दौरान ईडी को इन लोगों के आवास और कार्यालयों से कई दस्तावेज मिले जिस में आपत्तिजन दस्तावेज भी शामिल हैं साथ ही 24 लाख रुपए नकद भी मिले थे। ईडी ने इन दस्तावेजों को जब्त कर ईडी के जयपुर मुख्यालय लेकर आई थी। जब्त दस्तावेजों की जांच के बाद ईडी ने आज दिल्ली,राजस्थान की टीम के साथ मिलकर सर्च का ऑपरेशन किया। हालांकि इस सर्च को गोपनीय रखा गया है जिससे किसी को सर्च के बारे में जानकारी ना मिले।
जानकार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पेपर लेने वाले अभ्यर्थियों के ठिकानों पर यह सर्च की जा रही हैं। प्ररम्भिक जांच में सामने आया कि 8 से 10 लाख रुपए में पेपर लेने वाले कुछ लोग कोचिंग संचालक भी थे। इन कोचिंग संचालकों ने बड़ी संख्या में छात्रों को पेपर दिया जिस के लिए इन कोचिंग संचालकों ने पैसा लिया हैं।
भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इस बार से चिंतित है कि राजस्थान में बगावत करने वाले नेताओं को कंट्रोल करना एक चुनौती का काम हो गया है।स्थानीय नेता इस काम कोनहीं कर पा रहे हैं उन्हें अपने भविष्य की चिंता है यही कारण है कि जिन्हें जिम्मेदारी दी गई है वह अपनी जिम्मेदारी को निभाने में सक्षम नहीं हो पा रहे।केंद्रीय नेतृत्व को ही इस काम के लिएआना पड़ रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी अधिक सक्रिय नहीं है इसको लेकर भी कुछ आशंकाएं पार्टी नेतृत्व को होने लगी है।आपसी सहमति का अभावनिश्चित तौर पर आने वाले विधानसभा के चुनाव पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उदयपुर, जोधपुर और पाली संभाग के कार्यकर्ताओं नेताओं की बैठकर ली है।लेकिन रणनीति को लेकर अभी भी कुछ शंकाएं व्याप्त है उसे दूर करने की जरूरत है।खाने को तो असम के राज्यपालगुलाबचंद कटारिया से भी इस बारे में जेपी नड्डा औरपूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से भी चर्चा की गई है।अभी तकवसुंधरा राजे समर्थकों को टिकट देने के फैसले को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। इसका अंतिम निर्णय भी केंद्रीय चुनाव समिति को ही करना है। संगठन महामंत्री बीएल संतोष पहले अधिक सक्रिय नजर आ रहे थे। नवरात्र शुरू होने के बाद शेष बचे उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है अब जिन राज्यों में विधानसभा के चुनाव पहले उन्हें वहां की प्राथमिकता के आधार पर स्क्रीनिंग कमेटी चयन करने का काम संबंधित राज्यों के नेताओं के साथ विचार विमर्श कर उम्मीदवारों के पैनल को अंतिम रूप दे रही है।
इसके बाद नाम सीईसी को नाम भेजे जाएंगे। तेलंगाना में उम्मीदवारों की पहली लिस्ट 22 अक्टूबर के पहले आ जाएगी।
9 अक्टूबर को 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हुआ था। इसके तीन घंटे बाद ही भाजपा ने भाजपा ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 162 उम्मीदवारों के नाम जारी कर किए थे। इनमें राजस्थान के 41, मध्य प्रदेश के 57 और छत्तीसगढ़ के 64 उम्मीदवारों के नाम थे। राजस्थान की यह पहली, मध्य प्रदेश की चौथी और छत्तीसगढ़ की दूसरी लिस्ट थी। राजस्थान में 159, मध्य प्रदेश में 94 और छत्तीसगढ़ में 5 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा होना बाकी है।