Saturday, 29 August 2026

आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कारगर साबित हो रहा है ‘सी-विजिल‘ एप, सी-विजिल पर प्राप्त शिकायतों पर रिकॉर्ड समय में हो रही कार्रवाई: प्रवीण गुप्ता


आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कारगर साबित हो रहा है ‘सी-विजिल‘ एप, सी-विजिल पर प्राप्त शिकायतों पर रिकॉर्ड समय में हो रही कार्रवाई:  प्रवीण गुप्ता

विधानसभा आम चुनाव-2023 में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी निगरानी रखने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा बनाए ‘सी-विजिल‘ एप शिकायतों के समाधान का बेहतरीन जरिया बनता जा रहा है। एप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर रिकॉर्ड समय में कार्रवाई हो रही है। आचार संहिता लागू होने से अब तक यानि पिछले 6 दिन में प्रदेशभर में 1 लाख 35 हजार 819 लोगों द्वारा सी विजिल एप डाउनलोड किया गया है।

उडन दस्ते ने रिकॉर्ड समय में कार्रवाई कर रचा कीर्तिमान

मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि मनोहरपुर नगरपालिका क्षेत्र में सुबह 09 बजकर 7 मिनट पर आचार संहित उल्लंघन की शिकायत मिली जिस पर शाहपुरा एफएसटी द्वारा सुबह 9 बजकर 56 मिनट तक यानि 50 मिनट से भी कमय समय में कार्रवाई कर दी गयी। इसी तरह माउंट आबू के पास डूंडई मोड़ पर अवैध शराब के परिवहन की शिकायत मिली जिस पर पिंडवाड़ा फ्लाइंग दस्ते द्वारा 88 मिनट में कार्रवाई कर शराब को जब्त कर एफआईआर दर्ज की गयी। उदयपुर के रिषभदेव में शिलान्यास पट्टिका के मामले में आचार संहिंता के उल्लंघन की शिकायत शाम 5 बजकर 35 मिनट पर प्राप्त हुयी जिस पर 6 बजकर 14 मिनट यानि रिकॉर्ड 39 मिनट में कार्रवाई कर दी गयी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में आदर्श आचार संहिता के लागू होने के बाद प्रतिदिन 500 से ज्यादा शिकायतें मिल रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 6 दिन में प्रदेश भर से 3 हजार 566 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से रिटर्निंग ऑफिसर्स ने 674 शिकायतों को सही पाया और उनका तय समय सीमा में निस्तारण किया गया। 11 शिकायतें अभी जांच दलों और रिटर्निंग ऑफिसर्स के द्वारा निर्णय के लिए लंबित हैं।

गुप्ता ने कहा कि सी विजिल पर आदर्श आचार संहिता की सबसे ज्यादा शिकायतें 490 जयपुर जिले से प्राप्त हुईं। और सबसे ज्यादा कार्यवाही भी जयपुर जिले के रिटर्निंग आफिसर्स ने की यहां 134 शिकायतों का निस्तारण किया गया। उन्होंने बताया कि इस एप के माध्यम से अधिकतम सौ मिनट की समय सीमा में प्राप्त शिकायतों का समाधान किया जा सकता है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी गुप्ता ने बताया कि अब तक आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों पर पर्याप्त सबूतों के अभाव में कड़ी कार्रवाई से बच जाते थे। शिकायत के सत्यापन में तस्वीर या वीडियो के रूप में दस्तावेजी साक्ष्य की कमी भी बाधा थी। नया एप इन सभी खाइयों को पाटने का काम कर रहा है।

कैसे काम करता है सी-विजिल

‘सी-विजिल‘ किसी भी व्यक्ति को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट करने की अनुमति देता है। आमजन इस एप का इस्तेमाल करके कदाचार की घटना की जानकारी भेज सकता है। सौ मिनट की समय सीमा में अधिकारीगण समस्या का निस्तारण करेंगे। इस एप की सबसे खास बात यह है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाने का भी विकल्प है। कोई भी व्यक्ति एन्ड्रॉयड आधारित ‘सी-विजिल’ एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकता है।

चुनावों के मद्देनजर विभिन्न एजेंसियों ने दी निर्वाचन विभाग को रिपोर्ट इस सप्ताह आचार संहिता लगने के पश्चात 9 से 13 अक्तूबर तक रिकॉर्ड 51.26 करोड़ रुपए से ज्यादा की ड्रग्स, शराब, कीमती धातु और नगदी पकड़ी डेढ़ माह में अलग-अलग एजेंसियों ने 221.2 करोड़ रुपए से अधिक की कीमत के ड्रग्स, शराब, सोना व नगदी पकड़ी

विधानसभा आम चुनाव 2023 के मद्देनजर प्रदेश में इस सप्ताह विभिन्न एनफोर्समेंट एजेंसियों ने रिकॉर्ड 51.26 करोड़ रुपए से ज्यादा का ड्रग्स, शराब, सोना, फ्रीबीज व नगदी पकड़ा है। वहीं पिछले एक महीने में एजेंसियों ने 221.2 करोड़ रुपए की कीमत से ज्यादा के ड्रग्स, शऱाब, सोना, फ्रीबीज व नगदी पकड़ा है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में अलग-अलग एजेंसियों की ओर से जारी रिपोर्ट में ये जानकारी दी गयी है। इसमें पिछले एक सप्ताह में कैश 5 करोड़ 62 लाख रुपए ड्रग्स लगभग 22.57 करोड़ रूपए, शराब 3करोड़ 47 लाख रूपए और सोना- चांदी 4.76 करोड़ रुपए की जब्ती की गयी है जबकि फ्रीबीज 14.84 करोड़ के जब्ती की गयी है।

गुप्ता ने बताया कि पिछले एक माह में 19 करोड़ रूपए से ज्यादा का कैश, 86.1 करोड़ रुपए की मादक सामग्री और 21.9 करोड़ रुपए की शराब, सोना-चांदी 38.9 करोड़ और फ्रीबीज 46.7 करोड़ रुपए से ज्यादा के है। इन एजेंसियों में राज्य पुलिस, राज्य एक्साइज, नारकोटिक्स विभाग एवं आयकर विभाग प्रमुख हैं।


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