


माली समाज ने टोंक जिले की चार सीटों से एक टिकट की मांग की है,यदि किसी पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो दोनों ही दलों को माली समाज वोट नहीं देगा।
जिला माली समाज टोंक के संरक्षक कमलेश सिंगोदिया ने बताया कि टोंक जिले की मालपुरा विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक माली समाज के मतदाता है। हमारी पहली प्राथमिकता मालपुरा है ,चाहे किसी भी माली समाज के व्यक्ति को टिकट दे हमें कोई एतराज नहीं है।
उन्होंने कहा कि माली समाज प्रत्येक चुनाव में कहीं भाजपा को तो कही कांग्रेस को वोट देता आया है अब माली समाज को टिकट दिया जाएं। सिंगोदिया ने कहा कि माली समाज ने निर्णय लिया है कि यदि टिकट नहीं तो वोट नहीं।
वही विधानसभा चुनाव में टोंक जिले की चार में से एक सीट कांग्रेस-भाजपा द्वारा माली समाज को देने की मांग को लेकर शनिवार को टोंक जिला माली समाज की युवा संसद महादेवाली छात्रावास मेंआयोजित की गई।वक्ताओं ने कहा कि जिले की टोंक , टोड़ा-मालपुरा एवं उनियारा-देवली एवं निवाई विधानसभा सभा क्षैत्रों में माली (सैनी) समाज की 1 लाख 75 हजार के लगभग आबादी है, जिसमें 1 लाख 25 हजार मतदाता है। विधानसभा क्षैत्र टोंक में माली समाज के 30 हजार, टोड़ा-मालपुरा में 40 हजार, वहीं देवली-उनियारा में 25 हजार तथा निवाई-पीपलू में लगभग 30 हजार माली मतदाता है।
सिंगोदिया ने कहा कि पूर्व में माली समाज का एक राजनैतिक सम्मेलन टोंक में हुआ था जिसमें कांग्रेस व भाजपा से मांग की गई थी कि विधानसभा चुनाव में जिले में माली समाज को एक सीट दी जावे तथा निर्णय लिया गया था कि दोनों में से जो भी माली समाज को एक टिकिट देगी, माली समाज उसी राजनैतिक पार्टी को जिले की चारों विधानसभा क्षैत्रों में समर्थन देगा।
युवा संसद में माली समाज टोंक के जिलाध्यक्ष कैलाशी मोरी, पार्षद राहुल सैनी, नवरतन सैनी, कमलेश सैनी, नाथूलाल सैनी, सीताराम सैनी, सोभाग सिंह कच्छावा, शंकरलाल धुंवारिया, रामअवतार टांक, जोरू लाल सैनी, रामप्रसाद बागड़ी, सदर अध्यक्ष अचलेश सैनी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बबीता सैनी, राजभंवर सैनी, सीताराम टांक, विष्णु अजमेरा एवं रमेश बागड़ी आदि मौजूद थे।
उल्लेखनीय रहे कि भाजपा 1985 के विधानसभा चुनाव में माली समाज की नाराजगी का खामियाजा भुगत चुकी है।पार्टी ने माली समाज को टिकट नही दिया तो माली समाज के नवरत्न सैनी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा जिसको 4 हजार 832 वोट मिले,वही भाजपा के महावीर प्रसाद जैन को 22 हजार 300 तथा कांग्रेस की जकिया इनाम को 25 हजार 277 वोट मिले थे। इस चुनाव में भाजपा के महावीर प्रसाद जैन को कांग्रेस की जकिया इनाम से 2277 मतों से पराजित होना पड़ा।माली समाज ने भाजपा को वोट नहीं देकर अपने समाज के नवरत्न सैनी को वोट दिए जाने का नुकसान भाजपा को उठाना पड़ा था।