Saturday, 29 August 2026

भाजपा प्रत्याशी बैसला की पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी की लंबी मन्त्रणा चर्चा का विषय, खिलाफत का डेमेज कंट्रोल हुए सक्रिय


भाजपा प्रत्याशी बैसला की पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी की लंबी मन्त्रणा चर्चा का विषय, खिलाफत का डेमेज कंट्रोल हुए सक्रिय

भाजपा से देवली-उनियारा प्रत्याशी विजय बैसला को टिकट दिए जाने के बाद शुरू हुई खिलाफत को डेमेज कंट्रोल की पार्टी ही नही बल्कि खुद विजय बैसला पूरी तरह से जुटे हुए है।पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मन्त्रिमण्डल में पहली सूची में नवरत्नों में शामिल पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी से विजय बैसला ने मुलाकात की।साथ ही उन्होंने अपनी जीत के लिए प्रभुलाल सैनी से मदद मांगी।

राज्य के पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी का न सिर्फ टोंक जिले बल्कि राज्य की राजनीति में अपना महत्त्वपूर्ण स्थान है क्योंकि माली समाज के ही नही भाजपा के बड़े नेताओं में शामिल है।भाजपा प्रत्याशी विजय बैसला ने प्रभुलाल सैनी से मुलाकात की ,यह मुलाकात देवली-उनियारा विधानसभा सीट से बैसला की जीत के लिए जरूरी थी क्योंकि देवली-उनियारा सीट से सैनी की दावेदारी भी थी वैसे तो पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी को हिंडोली से टिकट दिए जाने की शुरू से ही चर्चा है लेकिन भाजपा की टिकट बांटने की रणनीति का गणित अभी तक भाजपा के राज्य नेताओ व राजनीति के पंडित भी नही समझ पा रहे। वही दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधराराजे के समर्थकों को टिकट नही दिए जाने से नाराज पूर्व मुख्यमंत्री राजे की अगली रणनीति क्या होगी इसका खुलासा नही होना भी भाजपा के लिए संकट बना हुआ है।

देवली-उनियारा से भाजपा प्रत्याशी विजय बैसला की पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी के मुलाकात टोंक जिले की राजनीति की दृष्टि से काफी महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।

इतना ही नही भाजपा प्रत्याशी विजय बैसला भाजपा पदाधिकारियों के अलावा सभी नाराज कार्यकर्ताओं से निरन्तर सम्पर्क बनाए हुए है वहीं ऐसे कार्यकर्ताओं के निकटस्थ व्यक्तियों के जरिए डेमेज कंट्रोल की कोशिश में है ताकि अपनी जीत को मजबूत किया जा सकें।

देवली-उनियारा में विजय बैसला को माली सहित प्रभुलाल सैनी समर्थको के वोट चाहिए वही प्रभुलाल सैनी यदि हिंडोली से चुनाव लड़ते है तो उन्हें वहां गुर्जर मतदाताओ के वोट की जरूरत पड़ेगी इतना ही नही भाजपा के टोंक विधानसभा प्रत्याशी को टोंक से गुर्जर वोटों की भी जरूरत पड़ेगी।ऐसे हालातों में भाजपा प्रत्याशियों को आपसी समन्वय व सहयोग लेना ही पड़ेगा तभी पार्टी की जीत मजबूत हो सकती है।

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