


भाजपा के पूर्व प्रदेषाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने और कानून व्यवस्था नियंत्रण से बाहर होने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इसी सप्ताह चुनाव आयोग द्वारा पांच राज्यों में चुनाव तारीखों की घोषणा की गई और उसके बाद सभी पांच राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई।
गुरुवार को भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए चतुर्वेदीने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार सत्ता जाने के भय से लगातार ट्रांसफर, घोषणाएं, और प्रलोभन देने के सभी तरीके अपना रही है। जिस दिन आचार संहिता लग रही थी उस दिन देर रात तक सचिवालय में ट्रांसफर और घोषणाओं की बंदरबाट चलती रही और खुलेआम आचार संहिता का उल्लंघन किया गया।
भाजपा के पूर्व प्रदेषाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि जिस दिन आचार संहिता लगी उसी दिन आरपीएससी के तीन सदस्यों की घोषणा की गई, राजस्थान राज्य कर्मचारी बोर्ड में दो नियुक्तियां, आर्थिक पिछड़ा वर्ग में नियुक्ति और पांच नए बोर्डों का गठन किया गया। ये सभी आचार संहिता का खुला उल्लंघन थे। सीएम गहलोत ये जानते थे कि आचार संहिता लगने के बाद जिन्हे बोर्ड का अध्यक्ष बना रहे हैं, उन्हे ना गाड़ी मिलने वाली है, ना स्टाफ मिलने वाला है क्यांेकि यह केवल चुनावी घोषणा मात्र रह जाएगी। यह सब जानने के बावजूद सीएम गहलोत द्वारा राज्यमंत्री का दर्जा देने की औपचारिकता की गई।
भाजपा के पूर्व प्रदेषाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने कहा कल ही सीएम गहलोत सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली गए थे, इस दौरान सरकारी गाड़ी में उनके साथ उनके सचिव भी सोनिया गांधी के घर साथ रहे जो कि सीधा आचार संहिता का उल्लंघन है। चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि मंत्री अपने किसी राजनीतिक काम के लिए कहीं जाएगा तो उनका स्टाफ उनके साथ नहीं जाएगा, उसके बाद भी स्वयं के सचिव उनके साथ जाते हैं। सोनिया गांधी के घर में बैठकर चुनाव संबंधी सरकार की योजनाओं के बारे में चर्चा करना चुनाव को प्रभावित करने का काम किया है।
भाजपा के पूर्व प्रदेषाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने कहा हम चुनाव आयोग को पत्र लिखकर सरकारी योजनाओं में सीएम गहलोत के फोटो लगाने के खिलाफ शिकायत देंगे। मुख्य रूप से बिजली के बिल, गारंटी कार्ड, सरकारी पत्रक और जो स्मार्ट फोन बांटे गए हैं इन सभी पर सीएम गहलोत ने अपना फोटो लगवाया हुआ है। आने वाले समय में जो पट्टे बांटने का काम होगा उस योजना में भी पट्टों पर सीएम गहलोत की फोटो लगाने का काम किया है। जिसके माध्यम से वोर्टस को प्रभावित किया जा सके। हम चुनाव आयोग से उम्मीद करते हैं कि वो इन सभी विषयों पर चिंता करेंगे और हमारी मांगो पर उचित कार्रवाई होगी।