


राजस्थान विश्वविध्यालय का जूलाॅजी विभाग नैनोटेक्नोलाॅजी के प्रयोग से पर्यावरण, कृषि एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनो एवं चुनौतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन कर रहा है, इस आयोजन में विश्वभर के विभिन्न देशों से जुडे 100 से अधिक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, चिकित्सक एवं शोधकर्ता इस संबंध में किए जा रहे शोध कार्यों की प्रगति को लेकर चर्चा करेंगें। काॅन्फ्रेंस में होने वाली चर्चा, व निष्कर्ष इस संबंध में बनने वाली नीतियों के निर्माण का आधार तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगें।
राजस्थान विश्वविध्यालय में हो रही इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस को लेकर कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा द्वारा एक विकसित की गई वैबसाइट जारी करने के साथ ही काॅन्फ्रेंस से जुडा ब्रोशर ( विवरणिका ) भी जारी किया गया है।
इस महत्वपूर्ण काॅन्फ्रेंस के चैयरमेन व पी.आई प्रो. प्रतापचंद माली ने इस संबंध में बताया कि 03 व 04 नवंबर को आयोजित होने वाली इस काॅन्फ्रेंस का आयोजन रूसा 2.0 के प्रोजेक्ट 05 के तहत किया जा रहा है।
कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा द्वारा कांफ्रेंस से जुडे ब्रोशर को जारी किये जाने के अवसर पर जूलाॅजी विभाग के प्रो. ए.सिंह के साथ, एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. विनोद कुमारी, डाॅ. रेणू बिष्ट, सहित विभाग से जुडे अन्य शिक्षक डाॅ. नीतू कच्छावा, डाॅ. राजमाला वर्मा, डाॅ. फराह सैयद, डाॅ. देवदत्त पटेल, सहित अन्य शिक्षक एवं शोध छात्र उपस्थित थे।