


टोंक जिले की मालपुरा तहसील को जिला बनाए जाने की घोषणा के साथ ही अब विधानसभा चुनाव में पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और बीसूका उपाध्यक्ष डॉ.चन्द्रभान की मजबूत दावेदारी के कारण कांग्रेस की गुटबाजी तेज हो गई है।
मालपुरा को जिला बनाए जाने की सीएम अशोक गहलोत की घोषणा के बाद रविवार को मालपुरा पहुंचे डॉ. चन्द्रभान का भव्य स्वागत किया । वही दूसरी तरफ उनकी दावेदारी के खिलाफ विरोधियों ने मालपुरा में बाहरी भगाओ डॉ.चन्द्रभान जी वापस जाओ के बैनर लगा करके विरोध जताया।
सीएम गहलोत की तरफ से पूर्व में ही टोडारायसिंह को केकड़ी जिले में शामिल करके नया जिला बनाए जाने की घोषणा के बाद मालपुरा को जिला बनाने की मांग को लेकर मालपुरा में अनिश्चितकालीन धरना चल रहा था। मालपुरा की जनता ने राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर इस मांग के समर्थन में मालपुरा बन्द सहित आंदोलन किया था।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 6 अक्टूबर को जयपुर के वीटी रोड मानसरोवर में आयोजित गौ सेवा समिति के कार्यक्रम में डॉ. चंद्रभान का नाम लेते हुए मालपुरा को जिला बनाने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद रविवार को डॉ. चंद्रभान मालपुरा पहुंचे जिनका जगह-जगह शहरवासियों की ओर से भव्य स्वागत किया ।
डाक बंगला मालपुरा में आयोजित सभा में डॉ. चंद्रभान ने 2008 से अपना मालपुरा से जुड़ाव बताते हुए कहा कि मालपुरा को जिला बनाने की उनकी नैतिक जिम्मेदारी भी थी। प्रदेश में 19 जिले घोषित किए गए थे तब मालपुरा को जिला बनाने की किसी भी राजनेता ने आवाज नहीं उठाई।
भाजपा विधायक कन्हैयालाल चौधरी को आडे हाथों लेते हुए कहा कि उस समय राजनेताओं ने मालपुरा को जिला बनाने की किसी भी प्रकार से मांग नहीं उठाई जिसके कारण मालपुरा उस समय जिला बनने से वंचित रह गया। बाद में सीएम गहलोत के पास मालपुरा जिला बनाओ कोर कमेटी द्वारा किए जा रहे आंदोलन सहित विभिन्न मांगों व ज्ञापनों के जरिए मालपुरा आजादी से पूर्व भी जिला बनने की योग्यता रखता था उसे सीएम गहलोत ने हाल ही में जिला घोषित कर एक बहुत बड़ी सौगात दी है। जिसका फायदा आगे आने वाले पांच सात सालों में मालपुरा क्षेत्र के लोगों को देखने को मिलेगा।
इससे पूर्व डॉ.चंद्रभान ने डिग्गी कल्याण जी मंदिर में श्री जी के दर्शन किए तथा प्रदेश में खुशहाली की कामना की व मालपुरा को जिला बनने की यह उपलब्धि श्रीजी को भेंट की।
बीसूका उपाध्यक्ष डॉ.चन्द्रभान पूर्व में भी टोडारायसिंह विधानसभा सीट से विधायक थे जो गहलोत मन्त्रिमण्डल में ऊर्जा मंत्री थे। वे सीएम गहलोत के निकटस्थ होने के कारण एवं मालपुरा को जिला बनाए जाने का श्रेय चन्द्रभान को जाने के कारण उनकी मालपुरा की दावेदारी को मजबूत मानी जा रही है। जिससे कांग्रेस के स्थानीय टिकट के दावेदारों में गुटबाजी बढ़ गई।इतना ही नही चन्द्रभान के विरोधियों ने मालपुरा में बाहरी भगाओ और चन्द्रभान वापस जाओ के बैनर भी लगाए गए।
बीसूका उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान के साथ पूर्व पालिका अध्यक्ष आशा नामा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोगाराम जाट, निजी सचिव हेमंत शर्मा, पूर्व डीआर किशनलाल फगोडिया,लावा सरपंच कमल कुमार जैन, जिला परिषद सदस्य छोगा लाल गुर्जर, महावीर नामा, कवि साहबुद्दीन, मालपुरा जिला बनाओ कोर कमेटी के जतन लाल जाट, महावीर बडगूर्जर, महफूज अली, विमला देवी, प्रेम कंवर, रमेश पारीक सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।