Saturday, 29 August 2026

केवट कल्याण बोर्ड का गठन नही हुआ तो कांग्रेस व भाजपा के खिलाफ वोट डालेंगे,तीसरे मोर्चे का देंगे साथ: उमाशंकर कहार


 केवट कल्याण बोर्ड का गठन नही हुआ तो कांग्रेस व भाजपा के खिलाफ वोट डालेंगे,तीसरे मोर्चे का देंगे साथ: उमाशंकर कहार

राजस्थान कहार, भोई, कीर, केवट, मेहरा, कश्यप समाज आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष  उमा शंकर कहार ने राज्य की कांग्रेस सरकार को आगाह किया हैं कि चुनाव आचार संहिता से पूर्व केवट कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए ,नही तो विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का विरोध किया जाएगा।

राजस्थान के कहार, कीर भोई, मेहरा, कश्यप, धीवर, निषाद समाज आरक्षण संघर्ष समिति ने केवट कल्याण बोर्ड के गठन की मांग उठाते हुए प्रदेशाध्यक्ष उमाशंकर कहार ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस व भाजपा दोनो ही दलों को कोसते हुए उनकी उपेक्षा किए जाने किस आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी टिकटों में भागीदारी व केवट कल्याण बोर्ड का गठन नही किया तो चुनावों में तीसरा विकल्प तलाशेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में इन समाजों  के 25 लाख मतदाता है,जो  13 सालों से केवट कल्याण बोर्ड का गठन किए जाने की मांग करते आ रहे है  लेकिन दोनों पार्टियों ने इस मांग की तरफ कोई ध्यान नही दिया।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में 120 सीटों को हमारा समाज प्रभावित करता है और 20 विधानसभा सीटें ऐसी है जिनमें 30-40 हजार मतदाता है। इनमें झालरापाटन में 40 हजार, बड़ा छिपा बड़ौद 30 हजार, अंता बारा में 38 हजार, लाडपुरा मे 40 हजार,पीपल्दा में 32 हजार, केशोरायपाटन में 4 हजार, हिण्डोली में 37 हजार,देवली उनियारा में 42 हजार, टोंक में 45 हजार, केकड़ी में 38 हजार,जहाजपुर में 31 हजार, मांण्डल में 33 हजार, शाहपुरा बनेडा में 45 हजार,भीलवाडा में 40 हजार, चित्तौडगढ में 42 हजार, मावली में 35 हजार,वल्लभनगर मे 32 हजार, निम्बाहेड़ा में 36 हजार, उदयपुर में 45 हजार,राजसमंद में 35 हजार मतदाता है।

उन्होने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के शासन काल में भी हमने आरक्षण संघर्ष समिति के नेतृत्व में भी पाँच सालों तक आंदोलन ,धरना व प्रदर्शन किया था लेकिन कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि

आचार संहिता लगने से पहले केवट कल्याण बोर्ड का गठन नहीं किया तो पूरे

राजस्थान में तीनों नेताओं मुख्यमंत्री अशोकगहलोत, भाजपा की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मंत्री शांति धारीवाल के पुतले जलाएंगे। बोर्ड का गठन नहीं होने पर 29 अक्टूबर को कोटा में समाज की बड़ी महापंचायत होगी  उसमे पक्का विश्वास दिलाएगा, उसे विधान सभा चुनाव में समाज एकजुट होकर वोट देगा।प्रेस कॉन्फ्रेंस में  महिला प्रदेशाध्यक्ष सरिता केवट,प्रदेश सचिव धर्मराज केवट,जिला महासचिव ओमप्रकाश केवट,कोटा महामंत्री रामस्वरूप केवट,नाथूलाल मेहरा,ग्यारसीलाल कीर,प्रभुलाल मेहरा, शिवजी लाल कीर, घांसी लाल मेहरा मौजूद थे।


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