


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जयपुर में हुई ऐतिहासिक सभा के बाद अब 2 अक्टूबर को चित्तौडग़ढ़ और जोधपुर दोनों जिलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकापर्ण करेंगे। प्रधानमंत्री ने जिस किसी भी योजना का शिलान्यास किया, उसका उद्घाटन भी उन्होंने ही किया है। एक समय ऐसा भी था जब राजस्थान में शिलान्यास होते थे लेकिन उनका उद्घाटन करने में सालों लग जाते थे।
शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेशअध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की निकम्मी, नकारा सरकार ने प्रदेश के गौरवशाली, मान-मर्यादा वाले इतिहास को कलंकित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के प्रत्येक कोने में चाहे एम्बुलेंस, स्कूल और यहां तक की न्याय मांगने जाने वाली पीड़िता से उसकी अस्मत की मांग की जाती है। अगर कई मामलों में भाजपा संगठन ओर जनता आंदोलन व धरना प्रदर्शन नहीं करतीे तो वह मामले भी दबे के दबे रह जाते।
सीएम गहलोत को अपना बयान वापिस लेना चाहिए, अन्यथा हम वैधानिक कार्रवाई करेंगे: राजेंद्र राठौड़
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बयान दिया है कि अब तो राजस्थान में राष्ट्रपति का आना बाकि है,। ये हमारे संवैधानिक प्रमुख है, संवेधानिक प्रमुख पर इस तरीके की टीका टिप्पणी करना अनुचित और अशोभनीय है। क्या मुख्यमंत्री ऐसा वीजा सिस्टम लागू कर रहें हैं कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को आने के लिए वीजा लेना पड़े। कृषक परिवार का बेटा जब उपराष्ट्रपति के पद पर पहुँचता है तो प्रदेश का मान बढ़ता है।
राजेंद्र राठोड़ ने कहा कि उपराष्ट्रपति मालपुरा जोबनेर में उस कृषक परिवार का सम्मान करने आए जिन्होंने अपनी 11 सौ बीघा भूमि को कृषि अनुसंधान के लिए दी, तेजाजी के निर्माण स्थल खरनाल आए, नाथूराम मिर्धा की मूर्ति का अनावरण करने आए, कोटा में छात्र छात्राओं से साक्षात्कार करने आए, धन्ना भगत के धर्म स्थल पर आए, तो इन सब जगह पर उपराष्ट्रपति गए इनसे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ऐतराज है और उपराष्ट्रपति को अपना मित्र बताते है।
उन्होंने कहा कि सीएम गहलोत ने न्यायपालिका पर भी अशोभनीय टिप्पणी की थी, और बाद में उन्होंने अपना बयान वापिस लें लिया था। बयान वापिस लेना उनके लिए बड़ी बात नहीं है, मुख्यमंत्री प्रभारी रंधावा को किस हैसियत से कोटा में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में लेकर गए। महंगाई राहत कैम्पो का उद्घाटन करवाना, गैर संसदीय काम करना मुख्यमंत्री की फितरत है। अगर मुख्यमंत्री गहलोत बयान वापिस नहीं लेंगें तो हम वैधानिक कार्रवाई करेंगे।