


राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर गांधी अध्ययन केंद्र के निर्देश निर्देशक डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि हम सभी इंसान है और गलतियां करना जीवन का एक हिस्सा है। लेकिन हमें गलती के बाद बार-बार रूकना चाहिए, अपनी गलतियों का आंकलन करना चाहिए कि वे किस कारण से हुई और हम भविष्य में उनसे कैसे बच सकते है ? यदि हम असफलताओं और गलतियों से सीखते हैं, तो वह जीवन में बड़ी सफलता का आधार बन जाएगी।
गीता बजाज बल मंदिर संस्थान में शुक्रवार 29 सितंबर को चार दिवसीय गांधी शैक्षिक शिविर के उद्घाटन अवसर पर डॉ. शर्मा ने कहा किव्यक्ति की मान्यताऐं व्यक्ति के विचार बन जाते हैं। व्यक्ति के विचार व्यक्ति के शब्द बन जाते हैं। व्यक्ति के शब्द व्यक्ति के कार्य बन जाते हैं। व्यक्ति के कार्य व्यक्ति की आदतें बन जाते हैं। व्यक्ति की आदतें व्यक्ति के मूल्य बन जाती है। व्यक्ति के मूल्य अन्ततः व्यक्ति की नियति बन जाते हैं। डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन सपनों को पूरी लगन से प्राप्त करने की बात कही। उन्होंने गांधी जी के सत्य अहिंसा जैसे मूल्यों पर आधारित अनेक संस्मरण बहुत ही रुचिकर तरीके से छात्रों के समक्ष प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर गीता बजाज उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्रों द्वारा सर्वधर्म समभाव की थीम पर महात्मा गांधी द्वारा बताए गए सात सामाजिक पापों की संकल्पना को एक बहुत सुंदर नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। साथ ही इस अवसर पर गीता बजाज महिला शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की छात्राओं ने गांधी जी द्वारा आजादी की प्राप्ति के लिए चलाए गए सभी आंदोलनों को एक नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। बहुत ही सुंदर और प्रभावी तरीके से चंपारण, असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन की प्रस्तुति की गई बी.एड छात्राध्यापिका अदलीप जहां द्वारा डॉ. नरेंद्र कुसुम द्वारा रचित कविता" गांधी एक बार फिर आओ अंधेरा बहुत गहरा है "की प्रस्तुति की गई।
इस अवसर पर संस्थान प्रबंधक और कार्यकारिणी के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। अंत में बी. एड महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. दीप्ति त्रिपाठी ने सभी गणमान्य व्यक्तियों एवं उपस्थिति प्रतिभागियों, विद्यार्थियों एवं संस्थान का धन्यवाद ज्ञापित किया।