


बनास नदी गहलोद हाई ब्रिज निर्माण हो जाने से अगले साल दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।खासकर बरसात में बनास नदी में पानी की आवक होने एवं रपटा टूटने से होने वाली आवागमन की दिक्कतों से छूटकारा मिल सकेगा।
सार्वजनिक निर्माण विभाग टोंक के अधिशाषी अभियंता दीन मोहम्मद ने बताया कि बनास नदी गहलोद हाई लेवल ब्रिज निर्माण के लिए 134.74करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी।इस ब्रिज का निर्माण कार्य8नवम्बर2021 को शुरू हुआ था ,जिसका निर्माण कार्य मई 2024 तक पूरा करना है।
उन्होंने बताया कि बनास नदो गहलोद हाई ब्रिज निर्माण की कुल लम्बाई3.335किमी है जिसमें ब्रिज की लंबाई2किमी तथा एप्रोचेज की लंबाई1.335किमी होगी।उन्होंने बताया कि बनास नदी गहलोद के निर्माणाधीन हाई ब्रिज की पाईल कास्टिंग का काम चल रहा है ,अब तक कुल375पाईल्स में से369 पाईल्स की कास्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है।
पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता दीन मोहम्मद ने बताया कि हाई ब्रिज में कुल 45 पाईल केप में से अब तक 42 पाईल केप की कास्टिंग की जा चुकी है।इतना ही नही 6 ओपन फाउंडेशन में से सभी 6 ओपन फाउंडेशन की फूटिंग कास्ट की जा चुकी है।उन्होंने बताया कि ब्रिज के कुल49पीयरस में से 47 पीयरस कास्ट किए जा चुके है।वही 49पीयर केप में से अब तक45 पीयर केप कास्ट हो चुकी है।उन्होंने बताया कि बनास नदी गहलोद हाई ब्रिज की कुल 250 गार्डर में से अब तक90 गार्डर कास्ट की जा चुकी है।जिनमें से 15गार्डर पीयर केप के ऊपर रख दिए गए है तथा छतों की कास्टिंग का काम किया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी टोंक के अधिशाषी अभियंता दीन मोहम्मद ने बताया कि धोली, कंडीला, कलमण्डा,नानेर,जंवाली,गहलोद हाई लेवल ब्रिज का निर्माण कार्य मई 2024 तक पूरा किया जाना है।इस हाई ब्रिज के बनने से टोंक जिला मुख्यालय से मालपुरा,डिग्गी, पीपलू सहित दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क हो जाएगा।वही टोंक आने के लिए 25 किमी की सोहेला होकर अतिरिक्त दूरी तय नही करनी पड़ेगी ।उन्होंने बताया कि बनास नदी में पानी की आवक होने,बीसलपुर बांध के गेट खोले जाने के बाद कडिबन दो से तीन महीने तक टोंक का दर्जनों गांवों से सीधा संपर्क टूट जाता है।जिस कारण लोगो को टोंक आने के लिए सोहेला होकर आना पड़ता है जिससे समय के साथ ही आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है,इससे निजात मिल सकेगी।