


आखिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 25 सितंबर से 13 जिलों में ईस्टर्न कैनल परियोजना (ईआरसीपी)को लेकर निकल जाने वाली आशीर्वाद यात्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की जयपुर यात्रा से ठीक 1 दिन पहले स्थगित करने का निर्णय क्यों करना पड़ा ! इसके पीछे क्या कुछ कारण रहे अब प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
सचिन पायलट के बिना पूर्वी राजस्थान में सीएम गहलोत की आशीर्वाद यात्रा पर भीड़ जुटाना और आपसी मतभेद खुलकर सामनेआने की आशंका को देखते हुए आशीर्वाद यात्रा को स्थगित किया है। अब यह कहा जा रहा है कि चुनाव आचार संहिता लगने के बादआशीर्वाद यात्रा निकाली जाएगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी गईऔर कहा गया कि सीएम गहलोत मिशन-2030 सहित कई सरकारी कार्यक्रम संपन्न कराए जाने हैं। ऐसे में आशीर्वाद यात्रा निकाला जाना ठीक नहीं है और इसे स्थगित किया है। ईआरसीपी से प्रभावित 13 जिलों में आशीर्वाद यात्रा निकालने का ऐलान सीएम गहलोत की ओर से किया गया था। लेकिनस्थगित करने की सूचनाप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दी है। अब सवाल यह उठता है कि बिना संगठन की सहमति के आशीर्वाद यात्रा का ऐलान किया था क्या !
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को सचिन पायलट की ओर से कोई शिकायत तो नहीं की गई और उसी के बाद आशीर्वाद यात्रा को रोकने के लिए कोई गोपनीय संदेश तो नहीं आया है और इस आधार पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वाराआशीर्वाद यात्रा को स्थगित करने का निर्णय किया है।चलोजो कुछ हुआ सही हुआ और कांग्रेस की आंतरिक कलह सड़कों पर आने से बच गई।कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर जब सवाल खड़े करते हैं तो सचिन पायलट को लेकर भी भाजपा क्यों नहीं सवाल उठेगी।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की जयपुर यात्रा के बाद कांग्रेस संगठन की भूमिका में क्या कुछ परिवर्तन आएगा यह तो हमें कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद ही मालूम पड़ेगा। यह बात भी सामने आ रही है कि 25 सितंबर को मल्लिकार्जुन खड़गे के सामने हुई बगावत और उसके बाद सोनिया गांधी को प्रस्तुत रिपोर्ट से कांग्रेस में आए भूचाल ने राजस्थान की राजनीति में हड़कंप मचा था। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने भी तत्परता के साथ मामले को गंभीरता से लिया और प्रकरण को कांग्रेस के अनुशासन समिति को सौंपा था। कांग्रेस की अनुशासन समिति ने भी तीन लोगों को कारण बताओं नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इसके बाद सीएम गहलोत ने सोनिया गांधी से माफी मांगी और कहा था कि वे कांग्रेस हाई कमान के निर्णय के अनुरूप अपने कर्तव्य की पालना नहीं कर पाए थे। लगभग 1 साल का समय गुजारने के बाद भी तीनों दोषियों के खिलाफ कोई निर्णय अभी तक नहीं हुआ है। इस पर सवाल भी कई बार खड़े किए गए हैं कोई जवाब देने को तैयार नहीं है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अब जयपुर यात्रा के दौरान इसे स्पष्ट करना चाहिए और सचिन पायलट और सीएम गहलोत के बीच जो मन मुटाव है उसे भी दूर करने के लिए कोई उपाय ढूंढना ही चाहिए। विधानसभा का चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस को कोई कठोर निर्णय लेते हुए दोनों के बीच जो माहौल बना हुआ है उसे ठीक करने का प्रयास करना ही चाहिए। चलो राहुल गांधी और मल्लिका अर्जुन खड़गे जयपुर मेंकार्यकर्ताओं के सम्मेलन के बीच क्या कुछ कहते हैं और उसके बाद क्या कुछ बदलाव आता है उसका सभी को इंतजार करना चाहिए……