


आखिर लोकसभा में बुधवार 20 सितंबर को 7 घंटे की लंबी बहस के बाद नारी शक्ति वंदन विधेयक दो तिहाई बहुमत के आधार पर पारित कर दिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस बिल को पारित करने का प्रस्ताव रखा तो ओवैसी की ओर से इस बिल पर मत विभाजन की मांग रखी गई। उनकी मांग पर लोकसभा में वोटिंग कराई गई और इसके पक्ष में 454 और विरोध में 2 मत पड़े। इसके बाद इसे पारित कर दिया गया।
अब नारी शक्ति वंदन विधेयक गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। वहां पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यह बिल कानून का रूप धारण कर लेगा।