


दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मानहानि की दायर याचिका पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को राहत नहीं दी। सीएम गहलोत ने कोर्ट में आरोप मुक्त करने के लिए अपील की थी जिसे स्वीकार नहीं किया गया और उसे खारिज कर दिया गया।
सीएम गहलोत की ओर से कोर्ट में याचिका लगाकर कहां गया था पिछली तीन सुनवाई से शिकायतकर्ता कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहा है ऐसे में कानून के तहत कोर्ट को आरोप मुक्त कर देना चाहिए। सीएम गहलोत की याचिका पर 14 सितंबर को कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सीएम गहलोत के याचिका को खारिज कर दिया। आप सीएम गहलोत पर मानहानि का मुकदमा चलेगा और कोर्ट ने 25 सितंबर को इस मामले की अगली सुनवाई तय की है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सीएम गहलोत की ओर से संजीवनी क्रेडिट सोसाइटी घोटाले में उनको और उनके परिवार को आरोपी बताने को लेकर मानहानि का मामला दर्ज किया था। कोर्ट ने 6 जुलाई को नोटिस जारी किए थे। इसके खिलाफ सीएम गहलोत ने सेशन कोर्ट में रिवीजन फाइल की थी लेकिन उनको वहां राहत नहीं मिली। रिवीजन कोर्ट ने सीएम गहलोत को केवल वीसी के माध्यम से पेश होने की छूट प्रदान की थी।
सीएम गहलोत ने एसओजी की जांच के आधार पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तो संजीवनी क्रेडिट सोसाइटी घोटाले के मामले में आरोपी बताया था। उन्होंने मानहानि के केस के बाद भी कई बार पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहां कि उन्होंने अपने स्तर पर कोई आरोप नहीं लगाया है। एसओजी ने जो आरोपी बताया है उसी आधार पर मैंने यह कुछ कहा है। उन्होंने कहा कि अगर मुझे इस मामले में जेल भी हो जाएगी तो कोई परवाह नहीं है क्योंकि डेढ़ लाख लोगों को पैसा मिलेगा तो मैं इस मामले में तथ्य सामने लाता रहूंगा।