


जयपुर शहर में स्थित पुरानी विधानसभा सवाई मानसिंह टाउन हॉल और लेखाकार कार्यालय अब सरकार के पास ही रहेंगे। पूर्व राज्य परिवार द्वारा हाईकोर्ट में लगाई याचिका को शुक्रवार को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
हाईकोर्ट की एकल पीठ के जस्टिस नरेंद्र कुमार ढड्ढा ने पद्मिनी देवी और अन्य की याचिकाओं पर शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि दोनों संपत्तियां सरकार के पास ही रहेगी। कोर्ट ने 4 अगस्त को मामले की सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
पूर्व राजमाता पद्मिनी देवी और परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा दायक याचिका में कहा गया था पुराना टाउन हॉल और जलेबी चौक परिसर में स्थित लेखाकार कार्यालय को अंग्रेजी शासन के दौरान बना प्रसंविदा का एक नियम में निजी संपत्ति माना था। सरकार को उसके उपयोग के लिए लाइसेंस दिया गया था। सरकार जब तक इसका उपयोग ले रही थी और उसका रखरखाव कर रही थी। अबसरकार का उद्देश्य ही बदल गया है ऐसे में इस संपत्ति को वापस राज परिवार को दिलाया जाए।सवाई मानसिंह टाउनहॉल में पहले राजस्थान विधानसभा चलती थी।
वर्ष 2000 के बाद यहां से विधानसभा ज्योति नगर में नए भवन में शिफ्ट हो गई। इसके बाद राज परिवार ने 7 अगस्त 2019 को कोर्ट में दावा पेश कर सरकार से वो टाउनहॉल वापस देने को कहा। अधीनस्थ कोर्ट ने पूर्व राजपरिवार की अस्थाई निषेधाज्ञा के प्रार्थना-पत्र को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ पूर्व राजपरिवार ने हाई कोर्ट में अपील की थी।अब राज्य सरकार यहां सौ करोड़ रुपए में अंतरराष्ट्रीय स्तर का म्यूजियम बनाना चाहती है। इस पर काम भी शुरू हो गया था। हाईकोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया था। आज सरकार के पक्ष में फैसला आने के बाद अब वो स्टे भी हट गया है।