


राजस्थान पर्यटक विकास निगम (आरटीडीसी) अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि सोलहवीं शताब्दी में जयपुर के राजा मानसिंह प्रथम द्वारा जयपुर घाट पर निर्मित मान महल (सरोवर पुष्कर) के जीर्णोद्धार के लिए आरटीडीसी ने 209 करोड़ रुपए से जीर्णोद्धार कार्य करवाया है । उन्होंने कहा कि तीर्थराज पुष्कर में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए यह सबसे बेहतरीन और सुविधायुक्त तीर्थराज पुष्कर सरोवर के नजदीक यह होटल है। उन्होंने कहा किआरटीडीसी की ऐतिहासिक और हेरिटेज लुक में यह होटल सरोवर अब निगम का गौरव बढ़ाएगी और पर्यटकों की पहली पसंद बनेगी।
होटल सरोवर पुष्कर में शनिवार को आरटीडीसी द्वारा जीर्णोद्वार कार्य का लोकार्पण के समारोह में बोलते हुए आरटीडीसी के चेयरमैन राठौड़ ने कहा कि हमारी टीम ने आरटीडीसी होटलों को ठहरने वाले पर्यटक के लिए सामूहिक सहयोग से बेहतर काम किया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि 2 साल के अल्पकाल में ही आरटीडीसी को घाटे से उबरकर मुनाफे में लाने का काम किया है । उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि अब फिर से आरटीडीसी का पुराना वैभव प्राप्त करें। इसके लिए आरटीडीसी की टीम सतत प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि जब मुझे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरटीडीसी चेयरमैन की जिम्मेदारी दी थी, उस समय आरटीडीसी की हालत बड़ी दयनीय थी, अब आरटीडीसी का परचम थल, जल और नभ में लहरा है। उन्होंने कहा कि झूमर बावड़ी होटल सवाईमाधोपुर, पुष्कर सरोवर होटल, अजमेर खादिम टूरिस्ट बंगलो, सरिस्का में स्थित होटल, माउंट आबू सहित विभिन्न 11 होटल में जीणोद्धार के कार्य कराए जा रहे है। जिससे कि आरटीडीसी की होटलों में बेहतर सुविधा प्रेरकों को प्राप्त हो सके।
राठौड़ ने कहा कि पुष्कर में ब्रह्मा मन्दिर जीर्णोद्धार, घाटों का जीर्णोद्धार, गंदे पानी को सरोवर में जाने से रोकने के लिए 12 करोड़ की स्टॉर्म वोटर ड्रेनेज योजना, पुष्कर को अंतर्राष्ट्रीय कैम्प सिटी में विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपये से डीपीआर बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पुष्कर में 100 करोड़ रुपये की लागत से माइस सेंटर, गोल्फ कोर्स, तेजाजीधाम सुरसुरा में 6 करोड़ रुपये से विकास कार्य, ब्रह्मा मन्दिर स्थित ब्रह्म वाटिका का आईएसआई से अनुमति लेकर नवीनीकरण का कार्य कराया गया है। उन्होंने कहा कि तीर्थराज पुष्कर से विकास को गति देने के लिए सीएम गहलोत ने पुष्कर विकास प्राधिकरण के गठन किया है।
उन्होंने कहा कि सीएम गहलोत ने प्रदेश की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए होटल व्यवसाय को उद्योगका दर्जा दिया है।, उन्होंने कहा कि ग्रामीण पर्यटन नीति और यहां के धार्मिक, ऐतिहासिक स्थलों को विकसित करने के लिए पर्याप्त सुविधाएं देने का काम सरकार ने किया है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि आरटीडीसी का भविष्य बेहतर है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास निगम में निरंतर काम करने से उसकी प्रगति हुई है और उसे भविष्य में बरकरार रखने की जरूरत है। आरटीडीसी के चेयरमैन राठौर ने शनिवार को होटल के कमरों का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉ. श्री गोपाल बाहेती ने कहा कि आरटीडीसी चेयरमैन राठौड़ ने घाटे में चल रही आरटीडीसी होटल को फायदे में पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा पुष्कर ब्रह्मा मंदिर और पुष्कर सरोवर घाट सहित पुष्कर के विकास के बेहतर काम किए हैं । तीर्थराज पुष्कर में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होगी ।
आरटीडीसी के एमडी विजयपाल सिंह ने कहा कि चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने एक साल में जब चेयरमैन का कार्यभार संभाला, तब आरटीडीसी की होटल डूबते जहाज जैसी थी, अब होटलों की कायापलट हो गई।
कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष शैलेंद्र अग्रवाल, पार्षद नोरत गुर्जर, सर्वेश पारीक, आरिफ खान, हेमंत जोधा, सरपंच कृपाल सिंह, मंडल अध्यक्ष छोटू सिंहराठौड़, एडवोकेट विश्राम चौधरी, सम्राट ऊंटडा, सेम डेविडसन,, आरटीडीसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेंद्र सिंह राठौड़ और सीएमएचओ डॉ. अनुज पींगोलिया आदि मौजूद रहे।