


शासन सचिवालय के पीछे स्थित योजना भवन के आईटी विभाग के कार्यालय की अलमारी में 2.31 करोड़ रुपए और 1 किलो सोना मिलने के मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में कहा है कि मामले में ऐसी की जांच करने में सक्षम है ऐसे में सीबीआई को मामले की जांच भेजने की जरूरत नहीं है।
हाईकोर्ट की खंडपीठ जस्टिस एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस प्रवीर भटनागर के समक्ष गुरुवार को प्रस्तुत जवाब में बात कही गई। हाईकोर्ट में रामप्रसाद ने याचिका लगाकर पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से जांच कराने की मांग रखी थी। महाधिवक्ता एमएससी मैंने जवाब मैं कहा कि 19 मई को योजना भवन के बेसमेंट में नगदी और सोने के मामले में एसीबी चालान पेश कर चुकी है इसके बाद जनहित याचिका पेश हुई है।
ईडी अपने स्तर पर जांच कर रही है और एसीबी प्रभावी ढंग से जांच कर रही है। ऐसे में सीबीआई जांच का कोई औचित्य नहीं है। वही याचिकाकर्ता ने कहा कि एसीबी का एक अधिकारी इसमें जांच कर रहा है।। जांच में अभी तक यह पता नहीं लगा है कि यह राशि क्यों रखी गई थी और ईडी ने भी आरोपी को गिरफ्तार किया है जांच की जा रही है ऐसे में प्रकरण की सीबीआई जांच कराना आवश्यक है।