


20 सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान की सोमवार को समीक्षा बैठक में कई अधिकारी नदारद रहे। इस बात से नाराज डॉ. चंद्रभान यही कहते नजर आए कि आखिर अधिकारी नहीं है तो विभागों का रिव्यु किस प्रकार से किया जाए। यह बात सही है जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं अधिकारियों ने अपना रुख बदल लिया है और वह जान गए हैं कि आप कुछ होने वाला नहीं है ऐसे में वह आना ही पसंद नहीं करते हैं।
20 सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान रिव्यू बैठक करने लगे की बैठक में कृषि विभाग, राजस्थान कौशल और आजीविका विकास निगम, उच्च शिक्षा, ग्रेटर नगर निगम का कोई अधिकारी नहीं मौजूद था। वैसे भी इन विभागों के एचओडी तो आते नहीं है अपने अधीनस्थ अधिकारी को भेज कर खानापूर्ति कर लेते हैं लेकिन इस बार की बैठक में तो कोई भी विभाग का प्रतिनिधित्व करने अधिकारी नहीं पहुंचा।
20 सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष डॉ चंद्रभान ने नाराजगी जरूर बताएं लेकिन उन्होंने नहीं आने वाले अधिकारियों के खिलाफ कोई नोटिस जिला कलक्टर के माध्यम से जारी नहीं किया। यहां सबसे बड़ी समस्या यह भी आती है कि कलक्टर से सीनियर अधिकारी इन विभागों के एचओडी होते हैं ऐसे में कलेक्टर भी कुछ नहीं कर पाता है। स्थिति जयपुर की यही बनी हुई है अब तो जयपुर में 2 जिले बन गए हैं ऐसे में समीक्षा बैठक करना और मुश्किल वाला काम हो गया है। इस बार की बैठक में जयपुर शहर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आरआर तिवारी मौजूद रहे।
डॉ.चंद्रभान अब मुख्य सचिव उषा शर्मा को इस बात की जानकारी देकर कोई कड़ी कार्रवाई कराएंगे या नहीं अभी आने वाला समय ही बताएगा लेकिन अधिकारियों ने अपना रुख आयोग,बोर्ड और निगम अध्यक्ष उपाध्यक्ष को महत्व देना कम कर दिया है।