


एसीबी के पूर्व महानिदेशक बीएल सोनी ने बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से त्रस्त युवाओं की मदद के लिए समाज के प्रमुख और सक्षम लोगों से आगे आने का आह्वान किया है ।
पूर्व डीजी बीएल सोनी ने शुक्रवार को पिंक सिटी प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस संबंध में एक सामाजिक संगठन “युवा जागृति मंच” बनाएंगे और उसके माध्यम से वर्तमान माहौल को सुधारने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस युवा जागृति मंच में पत्रकार अधिवक्ता,न्यायविद शिक्षाविद,सामाजिक संगठन और जागरूक नागरिक समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सहयोगी बन सकेंगे ।
पूर्व डीजी बीएल सोनी ने कहा कि आज युवा पेपर लीक, बेरोजगारी औरभर्तियों में हो रही धॉँधली व भ्रष्टाचार से आहत हैं इससे उनमें निराशा फैल रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं ने प्रदेश दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री औरसाथियों को भर्ती प्रक्रिया में पैसा मांगने पर गिरफ्तार कराया। उन्होंने कहा कि पास OMR सीट और मोबाइल में मिलना बहुत गंभीर घटना है। उन्होंने कहा कि आरपीएससी में सदस्य सहित कई लोग पैसा लेने के मामले में पकड़े गए। जिनके कारण परीक्षा एवं साक्षात्कार की तैयारी कर रहे युवाओं में निराशा भाव आ रहा है, जो युवा पीढ़ी के लिए घातक है ।
पूर्व डीजी बीएल सोनी ने कहा कि समाज को इन दिशा में गंभीरता से चिंतन करना होगा , भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या के रूप में हमारे सामने एक चुनौती है ।
पूर्व डीजी बीएल सोनी ने कहा कि जो हमारे बच्चों के भविष्य पर कुठाराघात कर रहा है । इस पर नियंत्रण करना आज समय की महती जरूरत है । उन्होंने कहा कि सरकार की मजबूत इच्छा शक्ति हो तो इस पर नियंत्रण करना संभव भी है । बशर्ते समाज और सरकार की धारणा भ्रष्टाचार से पीड़ित की मदद में आगे आने की हो ,बजाय भ्रष्टाचार में लिप्त रंगे हाथ पकड़े गए , व्यक्ति की मदद करने केऔर जीरो टॉलरेंस की थ्योरी की केवल बातें करने से हालात नहीं बदलेंगे। उन्होंने कहा कि धरातल पर भी दिखना चाहिए, जिसमें युवाओं में विश्वास व्याप्त हो सके और परीक्षाओं एवं भर्ती प्रक्रिया में उनका भरोसा कायम हो सके | इसके लिए “युवा जागृत” मंच के माध्यम से पुर्णत: लोकतांत्रिक मर्यादाओं में रहकर काम करने की धारणा रखने वाले लोगों को आगे होना होगा तभी वर्तमान हालात और भ्रष्टाचार से प्रदूषित माहौल ठीक हो पाएगा।
पूर्व डीजी बीएल सोनी ने आमजन से आह्वान किया है कि हमें किसी भी लोकसेवक द्वारा रिश्वत माँगने पर , किसी भी हालत में रिश्वत नहीं देने की पहल करनी होगीऔररिश्वतख़ोरी की स्वीकार्यता को चैलेंज करने का प्रण लेना चाहिए, जिसे हम भावी पीढ़ी को एक साफ़ सुथरी व्यवस्था दे सके।