


23 जुलाई को वाहन चोर का पीछा करते हुए फायरिंग में घायल हुए पुलिस कॉन्स्टेबल प्रहलाद सिंह ने इलाज के दौरान सवाई मानसिंहअस्पताल में शुक्रवार को दम तोड़ दिया। बीती रात तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था।
एसएमएसअस्पताल में उनका पोस्टमार्टम कर उनके शव को परिवार जनों को सौंपने के साथ ही उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। मौजूदा स्थिति में सीएम पुलिस मुख्यालय में पुलिस महकमे की बैठक कर रहे हैं। हो सकता है कि सीएम गहलोत और डीजीपी उमेश मिश्रा उन्हें श्रद्धांजलि देने जा सकते हैं।दोसा की एसपी वंदिता राणा ने उनकी शहादत को सलाम किया है। उन्होंने कहा कि पूरा पुलिस विभाग कॉन्स्टेबल के परिवार के साथ है।
इस घटना से राजस्थान में पुलिस महकमा शोक में डूब गया है। हांलाकि सिपाही प्रहलाद सिंह को गोली मारने वाले वाहन चोर को गुरुवार शाम पुलिस ने भी गोली मार दी। गोली उसके पैर में लगी है और उसका इलाज भी जयपुर के एसएमएस अस्पताल में कराया जा रहा है। दौसा जिले के सदर थाना इलाके में स्थित कालाखोह गांव में बुधवार सवेरे दो चोरों ने एक बाइक चुरा ली।
थाने में कार्यरत कांस्टेबल प्रहलाद सिंह को इसकी सूचना मिली तो प्रहलाद ने चोरों का पीछा करना शुरू कर दिया। लेकिन इस दौरान अचानक चोर ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। एक गोली बेहद नजदीक से प्रहलाद सिंह के सिर में मार दी गई। वह वहीं बेहोश हो गए। दो दिन से कोमा में थे और आज सवेरे उनकी जान चली गई। साथी प्रहलाद सिंह से मिलने के लिए गुरुवार को डीजीपी उमेश मिश्रा और आला पुलिस अधिकारी भी एसएमएस अस्पताल गए थे और सिपाही के परिजनों को ढांढस बंधाया था।