


अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति के चुनाव में धोखाधड़ी के मामले में शुक्रवार फुल्टन काउंटी पुलिस के सामने सरेंडर करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और फुल्टन काउंटी पुलिस जेल ले गई। उन्हें कैदी नंबर PO1135809 दर्ज किया गया। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की आरोपी की तरह तस्वीर खींची गई और 20 मिनट बाद जेल से बाहर आ गए। इसी के साथ ट्रंप अमेरिका के पहले से पूर्व राष्ट्रपति बन गए हैं जिनको कैदियों की तरह मगशॉट लिया गया। राम को अपनी रिहाई के लिए $2 लाख का बांड भरना पड़ा ।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत नहीं किया है काम पर जॉर्जिया में राष्ट्रपति चुनाव नतीजों को पलटने के लिए धोखाधड़ी धमकी देने और जालसाजी के आरोप है इस मामले में 18 और लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
15 अगस्त को अटलांटा की कोर्ट ने चार्ज शीट जमा की थी चार्ज शीट में शामिल 41 में से 13 चार्ज में ट्रंप का नाम का नाम शामिल है।उन्हें 25 अगस्त तक सरेंडर करने का समय दिया था।
2020 में राष्ट्रपति चुनाव के बाद ट्रम्प पर नतीजों को पलटने की कोशिश करने के आरोप लगे थे। BBC के मुताबिक, 2 जनवरी 2021 को ट्रम्प और जॉर्जिया के इलेक्शन ऑफिसर ब्रैड रैफेंसपर्गर के बीच कॉल पर करीब एक घंटे बात हुई। व्हाइट हाउस के ऑफिस से यह कॉल 3 जनवरी दोपहर 2:41 पर की गई थी।
ट्रम्प ने रैफेंसपर्गर से फोन पर कहा कि उन्हें वोटों की दोबारा गिनती करनी चाहिए, ताकि राज्य के 16 इलेक्टोरल वोट उनके हिस्से में आएं। कॉल रिकॉर्डिंग वॉशिंगटन पोस्ट ने सबसे पहले पब्लिश की थी। इसके मुताबिक, ट्रम्प ने कहा था कि मैं सिर्फ 11,780 वोट चाहता हूं। यह जीत के अंतर से एक वोट ज्यादा है। इस दौरान ट्रम्प ने रैफेंसपर्गर को बात नहीं मानने पर क्रिमिनल केस की धमकी भी दी थी।
पिछले साल एक स्पेशल ग्रैंड ज्यूरी ने कई महीनों तक इस मामले में 75 गवाहों के बयान दर्ज किए थे। ट्रम्प 2024 में अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं। लगातार दर्ज हो रहे क्रिमिनल केस के बावजूद भी उनकी पॉपुलैरिटी कम नहीं हुई है।