Saturday, 29 August 2026

उपराष्ट्रपति धनकड़ को सैनिक स्कूल में दिया गार्ड ऑफ ऑनर, देखा अपना पढ़ाई वाला कमरा कहां,मैं होशियार था पर अंग्रेजी नहीं आती थी: धनकड़


उपराष्ट्रपति धनकड़  को  सैनिक स्कूल में दिया गार्ड ऑफ ऑनर, देखा अपना पढ़ाई वाला कमरा कहां,मैं होशियार था पर अंग्रेजी नहीं आती थी:  धनकड़

उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ मंगलवार सुबह 9.30 बजे डबोक एयरपोर्ट (उदयपुर) से विशेष हेलिकॉप्टर से चित्तौड़ के लिए रवाना हुए थे। 10.25 बजे चित्तौड़ में सैनिक स्कूल में बने हेलीपैड पर उतरे। स्कूल प्राचार्य कर्नल सौम्यब्रत धर और उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव ने उनका स्वागत किया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। 

उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ मंगलवार को चित्तौड़ में स्थित अपने सैनिक स्कूल में पहुंचे। जहां उपराष्ट्रपति  धनकड़  ने पढ़ाई की  थी।उन्होंने अपना हॉस्टल का कमरा देखा जहां वे रहकर पढ़ाई किया करते थे। 

इसके बाद उपराष्ट्रपति धनकड़ करने सैनिक स्कूल के विद्यार्थियों से अपना  अनुभव शेयर करते  हुए कहा कि मैं पढ़ने में होशियार था, लेकिन मुझे अंग्रेजी नहीं आती थी। इस बारे में टीचर्स को बता दिया था। सैनिक स्कूल में ही मेरा पुनर्जन्म हुआ है।उन्होंने कहा कि मैं नंबर वन आता था तो मैं कई गतिविधियों से दूर हो गया।  उन्होंने कहा कि कभी भी दिमाग में टेंशन लेकर काम नहीं करना चाहिए।शारीरिक बीमारियां उत्पन्न होती है जो आपके भविष्य को उज्जवल बनाने के बजाय अंधकार में डाल सकती है। ऐसे में पढ़ाई के समय अच्छे वातावरण से व्यक्ति आगे बढ़ता है और अपने भविष्य को बनाने में सफल हो जाता है। 

उपराष्ट्रपति धनकड़ अपने गुरु 86 वर्षीय एचएन राठी से मिलने शास्त्री नगर स्थित उनके निवास पर पहुंचे। जहां उन्होंने अपने गुरु के चरण छुए और उनकी पत्नी से भी आशीर्वाद लिया। वह अपने पुराने दिनों की बातों में  मशगूल हो गए और कहीं पुरानी बातें याद कर ले अपने गुरु जी को यहां तक पहुंचाने के लिए धन्यवाद दिया।  धनकड़ के गुरु ने भी अपने चेले  उपलब्धि पर गर्व महसूस किया और कहा कि मुझे आज यह कहते हुए हर्ष है कि मेरा छात्र आज देश का उपराष्ट्रपति बना हैऔर  वह यहां आकर अपने गुरुजन से मिलने नहीं भूला यह बहुत बड़ी बात है।

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