


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि शुक्रवार को कांग्रेस के वार रूम में दो बैठकें हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं में किसी प्रकार का कोई मनमुटाव नहीं है। चुनाव विधानसभा का एक साथ मिलकर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि छोटी मोटी चीजें होती रहती है इसको प्रेस गलत तरीके से पेश करती है।
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि चुनाव पर्यवेक्षक मधुसूदन मिस्त्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ 25 लोकसभा क्षेत्र के पर्यवेक्षकों के साथ बैठक हुई है। अब यह सभी 25 पर्यवेक्षक 17 अगस्त से अपने अपने लोकसभा क्षेत्र में जाकर वास्तविक स्थिति का पता लगाएंगे और वहां पर कांग्रेस के पदाधिकारियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं से पार्टी की स्थिति का आकलन करेंगे। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सह प्रभारी भी अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा करेंगे और पार्टी में सक्रियता लाने का काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 200 विधानसभा क्षेत्रों के भी पर्यवेक्षक बनाए जाएंगे।यह पर्यवेक्षक भी विधानसभा क्षेत्रों में जाकर संबंधित जिला प्रमुख, विधानसभा के सदस्य और चुनाव लड़ने वाले इच्छुक प्रत्याशियों के साथ ही वहां के कार्यकर्ताओं नेताओं से विचार विमर्श किया जाएगा। इसके बाद इन पर बैठकों के माध्यम से पार्टी की स्थिति के बारे में जानकारी कर पॉलिटिकल अफेयर कमेटी में तय किया जाएगा।
सीएम गहलोत ने कहा कि कर्नाटक की तर्ज पर राजस्थान में भी उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा उन्होंने कहा कि सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में पहली सूची जारी करने का प्रयास किया जाएगा। सीएम गहलोत ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान की सरकार को गिराने का प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हो सके।
उन्होंने कहा कि उनके दिल में इस बात का दर्द है कि हम अपने मिशन में कामयाब नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता और नेता सभी एकजुट हैं और आपस में कोई गिला शिकवा नहीं है।