


जमवारामगढ़ इलाके में रहने वाली एक दलित ने आरोप लगाया कि उसका अपहरण कर उसे पीटा गया। डीवाईएसपी शिवकुमार भारद्वाज ने उनके ऊपर पेशाब की इसके बाद कांग्रेस विधायक गोपाल मीणा ने उनसे जूते चटवाए। पीड़ित ने विधायक गोपाल मीणा, डीवाईएसपी भारद्वाज सहित चार लोगों के खिलाफ 27 जुलाई को मामला दर्ज कराया है। मामला विधायक के होने के कारण अब जांच सीबी सीआईडी को सौंप दी गई है। कांग्रेस विधायक गोपाल मीणा का कहना है कि इस मामले में मेरा कोई लेना देना नहीं है। यह जमीन से जुड़ा हुआ विवाद है। इस आरोप से मेरा कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक परम नवदीप सिंह और उनकी पत्नी मेरे ऊपर झूठा आरोप लगा रहे हैं। मुझ पर दबाव बनाकर उस जमीन को पीड़ित को दिलाने की साजिश रच रहे हैं। मामले की जांच होनी चाहिए और सच्चाई तक जाना चाहिए। पीड़ित का कहना है कि गांव टोडालड़ी में जमीन की देखभाल करता है। 30 जून को दोपहर 1:00 पर पत्नी और साथी के साथ खेत पर काम कर रहा था। अचानक पुलिस वाले आए और जबरदस्ती गाड़ी में पटक कर विधायक गोपाल मीणा के घर ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया। थोड़ी देर बाद कमरे में आए पुलिसकर्मियों ने उसे नीचे पटक दिया और गालियां देते हुए मारपीट की। छोड़ने का आग्रह करने के बावजूद डीवाईएसपी शिवकुमार भारद्वाज ने उनके मुंह पर पेशाब कर दिया और कहां की बिना नजराना दिए हुए खेत पर काम करने की कैसे हिम्मत हुई। पुलिसकर्मियों ने उसे नीचे पटक दिया और गालियां देते हुए मारपीट की। यही नहीं मुझसे जूते जीभ से साफ करवाएं। उन्होंने कहा कि तूने अगर जुबान खोलने का प्रयास किया तो तुझे मरवा देंगे।