Saturday, 29 August 2026

न्याय यात्रियों के पांव में पड़े छाले, पीड़ितों को न्याय दिलाने पांचवे दिन जारी रही अभाविप की "न्याय पदयात्रा"


न्याय यात्रियों के पांव में पड़े छाले, पीड़ितों को न्याय दिलाने पांचवे दिन जारी रही अभाविप की "न्याय पदयात्रा"

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा राजस्थान में व्याप्त भ्रष्टाचार, दुष्कर्म, पेपर-लीक जैसी घटनाओं के विरूद्ध "न्याय पदयात्रा" सोमवार को पांचवे दिन  तुंगा गांव पहुंची। करौली से चल रहे कार्यकर्ताओं के पांव में छाले पड़ गए  फिर ही न्याय यात्री अटल लक्ष्य की ओर अग्रसर है। महिलाओं ,युवाओं को न्याय दिलाने के लिए करौली से शुरू हुए कार्यकर्ताओं ने अब तक 110 किलोमीटर की यात्रा पूरी की है, अभी 71 किलो मीटर की यात्रा शेष है।

अभाविप की महिला कार्यकर्ता ने इस यात्रा की बागडोर थामी है और निरंतर कार्यकर्ताओ का हौसला बढ़ा, बेटियों के आत्मसम्मान की इस लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पूर्व में प्रदेश में चल रही अनियमितता को लेकर कई ज्ञापनों के माध्यम से प्रदेश सरकार को चेताया था लेकिन उनके निवारण के लिए सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री होशियार सिंह मीणा ने कहा कि "जिस भारत की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत के दम पर आज हम वैश्विक प्रसिद्धि हासिल कर रहें हैं और जहां महिलाओं को विशेष सम्मान देने की बात की जाती है। आज उसी देश के राजस्थान में विपरीत स्थिति है, यहां राज्य सरकार द्वारा दुष्कर्मी हैवानों को बचाने का काम किया जा रहा है। ऐसा धर्मशास्त्रों में भी कहा गया है कि,' जिस जगह  नारी का सम्मान नही होता और स्त्रियों का अपमान किया जाता है, वहाँ किये गए सभी कार्य, यज्ञ, अनुष्ठान आदि निष्फल हो जाते है और उस कुल का कोई भी कार्य संपन्न नही होता।' प्रदेश सरकार के इस महिला विरोधी चरित्र से राज्य की कांग्रेस सरकार का विध्वंश तय है।"

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद चित्तौड़ प्रांत के प्रांत मंत्री हर्षित निनोमा ने कहा कि," राजस्थान की भ्रष्ट सरकार ने प्रदेश के सभी वर्गों को दबाकर रखा है। समाज के बड़े तपके में सरकार को लेकर भय व्याप्त है, आमजन को प्रदेश में इस स्तर पर यातनाएं दी गई हैं कि अब वह बात करने के बाद यह भी आग्रह करते हैं कि,' नाम मत लीजिएगा भइया नहीं तो हमारी बेटियां खतरे में आ जाएगी।' जिस भी समाज में बेटियों के प्रति किसी ने भी इतनी क्रूरता की हो उसका सम्पूर्ण वंश मिट गया है। न्याय यात्रा के माध्यम से समाज में चेतना को जागृत किया जा रहा है, इससे समाज में एक बड़े बदलाव की शुरुआत की जाएगी।"

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