


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा राजस्थान में हो रहे महिला उत्पीड़न,भ्रष्टाचार व पेपर लीक जैसी समस्याओं के विरोध में निकाली जा रही 'न्याय पदयात्रा' का शुक्रवार को दूसरा दिन था, भीषण बारिश ने बावजूद कार्यकताओं में उत्साह की कमीं नहीं हुई और सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने 'कुडगांव' से चलकर सलेमपुर के रास्ते 'गंगापुर सिटी' तक की दूरी को तय किया। संध्या में गंगापुर सिटी स्थित सब्जी मंडी में 'छात्र सभा' का आयोजन किया गया और राजस्थान सरकार की कुनीतियों को लेकर गहलोत सरकार को कोसा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 3 अगस्त को यह 'न्याय पदयात्रा' राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल के नेतृत्व में करौली से प्रारंभ की थी और अन्याय के विरुद्ध आम आदमियों की चेतना को जगा रही इस यात्रा का 10 अगस्त को 'राजस्थान विश्वविद्यालय' में समापन होगा।
मूसलाधार बारिश के बावजूद भारी संख्या में युवाओं ने सह-यात्री के रूप में सरकार द्वारा किए जा रहे अन्याय के विरुद्ध 'न्याय पदयात्रा' में सम्मिलित प्रतीकात्मक रूप में आवाज उठाई है, जिसके परिणामस्वरूप मार्ग में आम-जन एवं विभिन्न समुदायों का इस न्याय यात्रा को भरपूर समर्थन मिला। छात्र-सभा में अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री होशियार सिंह मीणा समेत अन्य वरिष्ठ दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने सभा को संबोधित किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री होशियार मीणा ने कहा कि," राजस्थान में हर तरफ भ्रष्टाचार व्याप्त है, जिससे आम नागरिक के लिए जीवकोपार्जन बेहद दुर्लभ हो रहा है। राजस्थान सरकार मंत्रिमण्डल में ही जब इन भयावह स्थितियों के सूत्रधार मौजूद हों, उस प्रदेश में सुदृढ़ कानून व्यवस्था का सपना बस सपना ही रहेगा। प्रदेश में बेटी और रोटी दोनो ही सुरक्षित नहीं है, इसकी जिम्मेदार प्रदेश सरकार है। आम आदमी के रहने हेतु मूलभूत व्यवस्थाओं को उपलब्ध कराने में भी सरकार की उदासीनता दिखाई पड़ती है। जिस प्रशासन में नीति बनाने वाले ही बलात्कारी हों, उनसे प्रदेश की बेटियों और सुशासन की उम्मीद करना बेकार है।"
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जयपुर प्रांत के प्रांत मंत्री शौर्य जैमन ने कहा कि," यह बेहद शर्मनाक विषय है कि जो प्रदेश कभी 'बलिदानियों और सूरवीरो की भूमि' रहा है, वहीं से आज सबसे ज्यादा बलात्कार की घटनाएं सामने आ रहे हैं। राजस्थान को आज 'पेपर-लीक प्रदेश' कहना भी गलत नहीं होगा, यहां वर्ष में औसतन 3 बार पेपर लीक की घटना सामने आती है। कानून व्यवस्था को भ्रष्ट सरकार पहले ही द्वारा पोषित और संरक्षित माफियाओं और अपराधियों ने अपाहिज बना दिया है। आम आदमियों की आवाजों को इस प्रकार दबाया जाएगा तो वह सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेंगे।"