Saturday, 29 August 2026

राजस्थान के अघोषित शोक(अ.शोक) की सरकार है : याज्ञवल्क्य शुक्ल


राजस्थान के अघोषित शोक(अ.शोक) की सरकार है :   याज्ञवल्क्य शुक्ल

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के भ्रष्ट आर्थिक,सामाजिक व कानून व्यवस्था के विरुद्ध करौली से जयपुर तक "न्याय यात्रा" प्रारंभ की गई। यात्रा से पूर्व सभा का आयोजन किया गया, जिसमें अभाविप के विभिन्न दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने सभा को संबोधित किया। इस यात्रा में युवा करौली से जयपुर तक 185 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करेंगे।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्, राजस्थान सरकार से विभिन्न मांगों को लेकर निरंतर विरोध प्रदर्शन कर रही है।आम जनमानस को सामाजिक एवं कानूनिक व्यवस्था को उपलब्ध न करा पाने पर राजस्थान सरकार की विफलता स्पष्ट मायनों में दिखाई पड़ती है। प्रदेश में मूलभूत सुरक्षा व्यवस्थाएं दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रहीं हैं,परीक्षाओं में पेपर लीक की घटना आम हो गई है तथा इसको सही करने हेतु सरकार कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था व भ्रष्टाचार के विरुद्ध आज अभाविप द्वारा "न्याय यात्रा" शिव गार्डेन,करौली से प्रारंभ हुई, जिसमें अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री समेत वरिष्ठ दायित्ववान कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि," राजस्थान सूरवीरों,त्याग और बलिदान की भूमि है। आज इसी भूमि पर ऐसे अमानवीय अपराध सामने आ रहे हैं, जिनकी एक सभ्य समाज में कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। वर्तमान की प्रदेश सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृण करने हेतु कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही है और जो भी इसके विरुद्ध आवाज उठा रहा है, उनकी आवाज को पुलिस द्वारा दबा दिया जा रहा है।इस यात्रा के माध्यम से समाज में फिर से चेतना जागेगी और इस भ्रष्टाचारी सरकार के विरुद्ध एक जन आंदोलन की नींव रखी जाएगी।"

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के राष्ट्रीय मंत्री होशियार सिंह मीणा ने कहा कि," प्रदेश में हो रही अव्यवस्थाओं की जिम्मेदार राजस्थान सरकार है। प्रदेश सरकार द्वारा युवा के भविष्य को गर्त में डाला जा रहा है और जब न्याय मांगने को युवा सरकार के विरुद्ध आवाज उठाता है तो उसपर डंडे बरसाए जाते हैं। प्रदेश की लगभग सभी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटना आम हो गई है, जिसमें प्रतिभा को नहीं सरकार के लोगों का चुनाव किया जाता है। यदि सरकार जनता को उनके अधिकार नहीं प्रदान कर सकती, उस स्थिति में मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।"

    Previous
    Next

    Related Posts