


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आमजन के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन सरकारों की जिम्मेदारी और जनता का अधिकार है। राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों के सुख-दुख में भागीदार बनकर विगत साढ़े चार वर्ष में जो कार्य किए वो अभूतपूर्व हैं तथा इनकी घर-घर में चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई से प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए राज्य सरकार द्वारा महंगाई राहत कैम्पों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें 500 रुपये में गैस सिलेण्डर के साथ ही महंगाई से राहत देने वाली 10 जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
सीएम गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित राज्य स्तरीय लाभार्थी संवाद में इंदिरा गांधी गैस सिलेण्डर सब्सिडी योजना के लाभार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बटन दबाकर एक साथ 36.76 लाख लाभार्थियों के खातों में 155.92 करोड़ रूपए के लाभ का हस्तातंरण किया। इसमें अप्रेल माह के डीबीटी के लाभ से शेष रहे 1.72 लाख उपभोक्ताओं को 7.32 करोड़ रूपए के साथ ही मई माह के 16 लाख 71 हजार उपभोक्ताओं को 70 करोड़ 86 लाख रूपए एवं जून माह के 18 लाख 33 हजार उपभोक्ताओं को 77 करोड़ 73 लाख रूपए हस्तांतरित किए गए। इस प्रकार कुल 36 लाख 76 हजार उपभोक्ताओं को 155 करोड़ 92 लाख रूपए ट्रांसफर किए।
सीएम गहलोत ने कहा कि अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना गारंटी के तहत 1 करोड़ 6 लाख परिवारों को निःशुल्क फूड पैकेट का वितरण 15 अगस्त से शुरू होगा। वहीं मुख्यमंत्री कामधेनू बीमा योजना भी शीघ्र लागू होगी।
महंगाई से त्रस्त हैं देश के आम नागरिक
सीएम गहलोत ने कहा कि आज देश का आम नागरिक बढ़ती हुई महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है। केन्द्र सरकार ने उज्ज्वला योजना लागू की, लेकिन गैस सिलेंडर की कीमतें लगातार बढ़ते हुए 1150 रुपए तक पहंुच गई। इसी प्रकार टमाटर के दाम भी 150 रुपए किलो तक पहुंच चुके हैं। निरंतर बढ़ रही महंगाई से आमजन में रोष है। केन्द्र सरकार को आम लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि महंगाई से राहत देने के लिए ही राज्य सरकार मात्र 500 रुपए में गैस सिलेंडर उपलब्ध करा रही है। देश के कई अन्य राज्य भी इस पहल का अनुकरण कर रहे हैं।
न्यूनतम आय की गारंटी का कानून बनाने वाला पहला राज्य
सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य है जहां कानून बनाकर न्यूनतम आय की गारंटी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत लगभग 1 करोड़ एकल नारी, विधवा, बुजुर्ग एवं निशक्तजनों को पेंशन दी जा रही है। न्यूनतम पेंशन की राशि 1000 रुपये कर दी गई है। राज्य में महात्मा गांधी नरेगा योजना के साथ ही इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत 125 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है। पालनहार योजना के अंतर्गत करीब 6 लाख बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। यह योजना उनके जीवन को सही दिशा देने में मददगार साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में पालनहार सहित अन्य योजनाओं को दायरे में लाकर न्यूनतम आय की गारंटी कानून को और सशक्त बनाया जाएगा।
मणिपुर में हालात चिंताजनक
सीएम गहलोत ने मणिपुर के हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे देश की बदनामी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा मणिपुर की तुलना राजस्थान और छत्तीसगढ़ से किया जाना अनुचित है। भ्रामक तथ्यों पर आधारित खबरों से प्रदेश के लोगों का मनोबल गिरता है। राज्य में एफआईआर की अनिवार्यता से आकड़ों में जरूर बढ़ोतरी हुई है, लेकिन लोगों को न्याय सुनिश्चित हो रहा है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि राज्य सरकार ने जो कहा वो कर के दिखाया। कोरोना काल में राज्य सरकार ने बेहतर प्रबंधन करते हुए ‘कोई भूखा नहीं सोये’ के संकल्प को साकार किया। पूर्व शिक्षा मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। महंगाई राहत कैम्पों में दिये जा रहे 10 जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से आमजन को महंगाई से राहत मिली है।
इस अवसर पर राजस्थान पर्यटन विकास निगम अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़, राज्य किसान आयोग के उपाध्यक्ष दीपचन्द खैरिया, डांग क्षेत्रीय विकास मण्डल के अध्यक्ष लाखन सिंह मीणा, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष जोगिन्दर सिंह अवाना, विधायक संदीप यादव, वाजिब अली, अमीन कागजी, आलोक बेनीवाल, श्रीमती गंगा देवी, मनोज मेघवाल, जयपुर हैरिटेज महापौर श्रीमती मुनेश गुर्जर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।