


विधानसभा में सोमवार को शून्यकाल शुरू होते ही मंत्री पद से बर्खास्त किए गए कांग्रेस के विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने लाल डायरी का रहस्य खोलने के लिए खड़े हुए।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीपी जोशी ने उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी इस पर वे आसन के समक्ष आकर एक लाल डायरी नुमा दिखाने लगे और कहा कि मुझे इसका गोपनीय राज खोलने का अनुमति दी जाए। इसको लेकर विधानसभा में हंगामा हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीपी जोशी ने उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी इस पर वे आसन के समक्ष आकर एक लाल डायरी नुमा दिखाने लगे और कहा कि मुझे इसका गोपनीय राज खोलने का अनुमति दी जाए। इसको लेकर विधानसभा में हंगामा हो गया। विधानसभा अध्यक्ष ने राजेंद्र गुढ़ा को कहा कि आप मेरे चेंबर में आकर के संबंध में बात करें। लेकिन राजेंद्र गुढ़ा आसन के समक्ष अपनी मांग को लेकर अड़े रहे और कहा कि मुझे बोलने की अनुमति दी जाए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. जोशी ने सीधे तौर पर कहा कि आप की दादागिरी नहीं चलेगी मुझे आप डिक्टेट नहीं कर सकते। काफी स्थिति बिगड़ती रही राजेंद्र गुढ़ा आसन के सम्मुख से नहीं गए। प्रतिपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़ ने भी कहा कि लाल डायरी का रहस्य क्या है उसको खोलने दिया जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिपक्ष के प्रति भी नाराजगी प्रकट की। प्रतिपक्ष ने विधानसभा में नारेबाजी कर हंगामे की स्थिति पैदा कर दी। हंगामे के बीच ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने स्थगन प्रस्ताव पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नारायण बेनीवाल को अपना मामला उठाने के लिए नाम पुकारा। स्थिति खराब होने के बाद विधानसभा की कार्रवाई स्थगित कर दी गई।