


विधानसभा में पार्टी लाइन से खिलाफ बोलकर सरकार को संकट में डालने वाले बीएसपी से कांग्रेस में शामिल हुए राजेंद्र गुढ़ा को सैनिक कल्याण राज्यमंत्री से तत्काल बर्खास्त करने की कार्रवाई के पीछे आखिर क्या राज छुपा है यह कौन बताएगा ? कई बार पार्टी लाइन से अलग बोलने वाले राजेंद्र गुढ़ा को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कभी कभी कोई कार्रवाई करने की बात नहीं सोची। अब उन्हें ऐसी क्या जरूरत पड़ी थी कि राजेंद्र गुढ़ा को मंत्रिपरिषद से बाहर कर दिया गया।
मंत्रिपरिषद से बर्खास्त होने के बाद राजेंद्र गुढ़ा पुरानी बातों को लेकर सीएम गहलोत को घेरने में लगे हुए हैं। राजेंद्र गुढ़ा को निश्चित तौर पर अपनी बात रखने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी से अनुमति लेनी पड़ेगी। राजेंद्र गुढ़ा किस नियमों के तहत विधानसभा में अपनी बात रखेंगे अभी तय नहीं है। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि वे लाल डायरी का जो जिक्र कर रहे हैं उसमें क्या कुछ है क्या वह डायरी अभी है या फिर उसे जला जला दिया गया क्या। यह स्पष्ट रूप से उजागर नहीं हो पाया है। आखिर लाल डायरी में राजस्थान पर्यटक विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौर ने क्या कुछ लिखा हुआ हैं। राजेंद्र गुढ़ा पूरी तरह से खुलासा नहीं कर पा रहे हैं । अब यहां यह बात भी सामने आ रही है कि आखिर राजेंद्र गुढ़ा ने लाल डायरी का जिक्र बर्खास्तगी के बाद क्यों किया। राजेंद्र गुढ़ा इस बात को जानते हैं कि सीएम गहलोत इस बात से संकट में आ जाएंगे।
राजेंद्र गुढ़ा के बयानों से राजनीति में हलचल पैदा हो सकती है लेकिन कोर्ट और जांच एजेंसियां उनके बयानों के आधार पर मामला दर्ज नहीं कर सकती हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी 2020 में जब धर्मेंद्र राठौर और राजीव अरोड़ा के सहित कई स्थानों पर ईडी और आयकर ने छापेमारी की थी। उस समय सीएम गहलोत ने राजेंद्र गुढ़ा को यह टेक्स दिया था क्या कि वे ईडी और आयकर के जांच के दौरान लाल डायरी लेकर आ जाए। राजेंद्र गुढ़ा सीएम गहलोत के निर्देश पर लाल डायरी लेने गए थे क्या यह अभी स्पष्ट सामने नहीं आ पा रहा है। सीएम गहलोत के साथ ही धर्मेंद्र राठौड़ और राजीव अरोड़ा भी इस बात पर चुप्पी साधे हुए हैं ।
लाल डायरी चुनावी मुद्दा बनेगी या नहीं अभी स्पष्ट नहीं है। राजेंद्र गुढ़ा को फिलहाल मंत्री पद से बर्खास्त किया है लेकिन आज भी वह कांग्रेस के विधायक हैं । ऐसे में विधानसभा में बोलने के लिए उन्हें पार्टी के उप सचेतक महेंद्र सिंह चौधरी के माध्यम से नाम प्रेषित करना पड़ेगा। अब वे सीधे तौर पर विधानसभा में अपनी बात नहीं रख सकते हैं। विधान सभा की बैठक 25 तारीख तक चलने की संभावना है। अगर स्थिति सही नहीं रही तो हो सकता है कि 24 जुलाई को ही विधानसभा समाप्त कर दी जाए।
फिलहाल आज तय होगा कि विधानसभा कल चलेगी या नहीं। विधेयक पर चर्चा होकर भारित होंगे। 9 अगस्त को राहुल गांधी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बांसवाड़ा में अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर बुलाए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। राहुल गांधी और मलिकार्जुन खरगे वहीं से विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी आगाज शुरू कर सकते हैं। फ़िलहाल राजनीतिक सरगर्मियां तेज है और विधानसभा सत्र समाप्त होते और बढ़ने की संभावना है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी आगामी 1 सप्ताह में पूर्ण स्वस्थ होकर पूर्व की तरह सक्रिय हो जाएंगे। सचिन पायलट को लेकर भी अब स्थितियां साफ हो जाएगी उन्हें क्या कुछ जिम्मेदारी है। चलो विधान सभा की बैठक थी 11:00 बजे शुरू हो जाएगी और शाम 6:00 बजे तक चलेगी इसमें क्या कुछ होता है उसका इंतजार हम सबको है !