


आखिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार को बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले बीएसपी विधायक दल अगुवाई करने वाले सैनिक कल्याण राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा को बर्खास्त करने की कार्रवाई की जा चुकी है। सीएम गहलोत अपने बचाव में यही कहते नजर आ रहे हैं की मणिपुर में घटना में कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को घेरने का काम पार्टी लोकसभा में कर रही है वहीं दूसरी ओर सरकार के सैनिक कल्याण राज्यमंत्री गुढ़ा द्वारा विधानसभा में महिला सुरक्षा के मामले में दिए विरोधी बयान ने सरकार को संकट की स्थिति में डाल दिया।
प्रतिपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़ ने सैनिक कल्याण राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा की बात का समर्थन किया और इस बात के लिए उन्हें शाबाशी दी कि वे अपनी सरकार में रहने के बावजूद भी महिलाओं पर राजस्थान में हो रहे अत्याचार के बारे में खुला बोलकर सरकार की व्यवस्थाओं की पोल खोल रहे हैं । उन्होंने कहा कि विधानसभा में अगर इस प्रकार की बात सामने आती है तो निश्चित तौर पर सीएम गहलोत को मंत्रिमंडल की सामूहिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता राजेंद्र राठौड़ द्वारा कहीं भी बात का भी महत्व होता है।
सीएम गहलोत सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा चलाए जा रहे केंद्र सरकार के खिलाफ अभियान में सरकार के मंत्री ही बाधक बने तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय किया। प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के माध्यम से केंद्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल को सारी घटना का जिक्र किया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। केंद्रीय संगठन ने तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दे दिए और सीएम गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र को अपने मंत्री को बर्खास्त करने की सिफारिश पत्र लिख दिया। राज्यपाल ने भी तत्परता सीएम गहलोत की सिफारिश को मानते हुए गुड़ा को मंत्री पद से बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए।
अब सवाल यह पैदा होता है कि सीएम गहलोत इससे पहले भी राजेंद्र गुढ़ा ने विधानसभा में खुले रूप से कुछ मंत्रियों और सरकार के कामकाज पर विपरीत टिप्पणी की है। लेकिन सीएम गहलोत उस वक्त यही कहते नजर आते हैं कि उनकी नाराजगी सही है मैं उन्हें मना लूंगा । लेकिन शुक्रवार की घटना को लेकर वे अपने आप को राजेंद्र गुढ़ा से दूर कर लेते हैं । उन्हें पता है कि अगर अभी कोई कार्रवाई नहीं की तो उनके लिए राजेंद्र गुढ़ा नासूर बन जाएंगे। जब राज्यसभा में वोट देने की बात और सरकार को बचाने की बात आती है तो गुढ़ा सबसे प्रिय हो जाते हैं। उन्हें विभिन्न स्तर से मनाया जाता है और गुढ़ा से यही कहलाया जाता है कि मैं सीएम गहलोत के पक्ष में हूं। अब यही कहते नजर आ रहे हैं कि मैंने सच्चाई का साथ दिया है तो मेरे खिलाफ अन्याय हो रहा है।
राजेंद्र गुढ़ा की बर्खास्तगी उनके लिए क्या आने वाले विधानसभा चुनाव में सहयोगी बनेगी या फिर कुछ और होगा। राजेंद्र गुढ़ा के जीजा वर्तमान में गहलोत सरकार में ऊर्जा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी है अब उनकी राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा यह तो आने वाला समय ही बता पाएगा। बीकानेर की राजनीति में अब देवी सिंह भाटी क्या कुछ करेंगे यह समस्या कुछ बाहर की बात है । आने वाले राजनीति में निश्चित तौर पर कुछ नई घटनाएं सामने भी आ सकती है। राजेंद्र गुढ़ा सोमवार को विधानसभा में किस बात का खुलासा करना चाहते हैं अभी इंतजार करने की जरूरत है। यह बात भी सही है क्या उनके पास सरकार के कोई रहस्य या छिपी हुई बातें हैं क्या ?
वरिष्ठ कांग्रेस विधायक भरत सिंह खान मंत्री के भ्रष्ट होने की बात कहते हैं लेकिन उन्हें हटाए जाने की कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। यही नहीं हालही में प्रमोद भाया जैन ने बूंदी जिले के डाबी क्षेत्र में चेचा 4-4 हेक्टर की 30 खाने आवंटित की है। ऐसा कहा जा रहा है कि कोटा में बनने वाले एयरपोर्ट के लिए काफी मात्रा में कंक्रीट की जरूरत पड़ेगी और यह उसी के काम में आएगी । आपसी तालमेल से दलाल के माध्यम से और वो खाने व्यवसायियों को आवंटित कर दी है । ऐसी भी चर्चा है कि पंकज जैन बड़ा दलाल है और वह एमी प्रकाश माली के माध्यम से यह सब कुछ काम आसानी से कर रहा है। उसके पास बूंदी के दो डिवीजन,डाबी और बढ़क्षेत्रकांति रिचार्ज भी दे रखा है। शिकायतों के बावजूद भी उसे नहीं हटाना आखिर क्या मतलब है यह कौन बता सकता है?
शिक्षा राज्यमंत्री जाहिदा खान के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में भाजपा मामला दर्ज कराती है और उन पर भी भ्रष्टाचार करने के खुले आरोप लगते हैं। लेकिन इस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल और जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी पर भी बहुत सारे आरोप है लेकिन उन्हें हटाए जाने की स्थिति नहीं है। अब चर्चा यह है कि मंत्रिमंडल में जल्दी फेरबदल किया जा सकता है ।
विधानसभा का सत्र 25 जुलाई को समाप्त हो जाएगा और उसके बाद राजस्थान में मंत्रिमंडल में फेरबदल और निगम बोर्ड के अध्यक्षों की नियुक्तियां होने का सिलसिला भी शुरू होने की संभावना बनी हुई है। चुनाव का खेल शुरू हो गया है अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी 9 अगस्त को बांसवाड़ा के दौरे पर आ रहे हैं । अब कांग्रेस इसी से चुनावी आगाज हो जाएगा। सचिन पायलट को भी नई जिम्मेदारी मिलने वाली है। सीएम गहलोत का स्वास्थ्य पहले से बेहतर है और अब वे सक्रिय तरह से राजनीति में आ जाएंगे।