


भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा मंगलवार को आरपीएससी पर प्रदर्शन करने के दौरान हुए लाठीचार्ज के मामले को लेकर बुधवार को भाजपा के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। भाजपा के विधायकों ने आसन के समक्ष आकर नारेबाजी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सीबीआई जांच की मांग की। नारेबाजी करने वालों में प्रतिपक्ष के नेता डॉ. सतीश पूनिया, वासुदेव देवनानी, जोगेश्वर गर्ग, डॉ. अशोक लाहोटी, अनिता भदेल सहित भाजपा के कई विधायक शामिल थे।
प्रतिपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़ ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से इस मामले को उठाया और कहा कि आरपीएससी के सदस्यों द्वारा रिश्वत मांगने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि घुमंतू जाति कल्याण बोर्ड का पूर्व अध्यक्ष गोपाल केसावत से आखिर किससे संबंध है और यह कौन है इसकी सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट नहीं आरपीएससी में हुई गड़बड़ी का मामला उठाया था और उसे भंग करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि हम भी उनकी मांग का समर्थन करते हैं आरपीएससी को भंग किया जाए।
इससे पहले स्थगन प्रस्ताव पर भाजपा के विधायक डॉ. अशोक लाहोटी वासुदेव देवनानी में भी इस मामले को उठाया और युवा मोर्चा द्वारा शांतिपूर्वक प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना बात लाठीचार्ज किया और इसमें कई कार्यकर्ता और नेता घायल हो गए। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा रीट पेपर में की गई गड़बड़ियों की जांच नहीं हो पा रही है।
उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ.झाडोली से पूछताछ फिर से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी स्टडी सर्किल के लोग इसमें इसमें शामिल थे उनकी जांच नहीं की गई है।