


राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी)द्वारा ईओ-आरओ भर्ती को निरस्त करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका को लेकर मंगलवार को जस्टिस सुरेश बंसल की कोर्ट में सुनवाई की गई। याचिकाकर्ता राधेश्याम की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मुख्य सचिव, आरपीएससी के चेयरमैन और यूडीएच सचिव से 3 सप्ताह में जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में मुख्य रूप से 4 बिंदुओं पर भर्ती निरस्त करने की मांग की है। भर्ती में कथित भ्रष्टाचार, नकल और दो अन्य बातों को शामिल किया है।
आरपीएससी की इस भर्ती में रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी ने कांग्रेस नेता और पूर्व घुमंतू कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गोपाल के सावत के साथ तीन दलालों को भी गिरफ्तार किया था। यह चारों लोग एसीबी के रिमांड पर है।
एसीबी में शिकायत करने वाले ने का है कि इन लोगों ने आरपीएससी के सदस्य मंजू शर्मा और संगीता आर्य के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया है। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा है परीक्षा वाले दिन भी बीकानेर मैं दो एफ आई आर दर्ज की थी। जिसमें ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम से नकल करने वाले गिरोह को पकड़ा गया था।