भाजपा विधायक राजवी ने सदन के नेता के योगा टीचर को नियमित करने के लिए विधेयक लाने का किया विरोध, मंत्री डॉ. शर्मा ने की आपत्ति, सभापति पारीक में कार्रवाई से निकाला
विधानसभा में सोमवार को तीन विधेयक पारित किए गए। जिसमें महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज विधेयक, राजीव गांधी फिनटेक डिजिटल संस्थान विधेयक 2023 और राजस्थान विश्वविद्यालय के अध्यापक( अस्थाई अध्यापकों का आमेलन) संशोधन विधेयक 2023 को लंबी बहस के बाद पारित कर दिया गया।
विधानसभा में भाजपा के विधायक नरपत सिंह राजवी ने राजस्थान विश्वविद्यालय के अध्यापक( अस्थाई अध्यापकों का आमेलन) संशोधन विधेयक 2023 पर चर्चा के दौरान सदन के नेता पर सीधा आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। राजवी ने राजस्थान विश्वविद्यालय के अध्यापक( अस्थाई अध्यापकों का आमेलन) संशोधन विधेयक 2023 के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि अगर एक व्यक्ति के प्लेसमेंट के लिए अगर विधानसभा में विधेयक आता है तो यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सीएम अशोक गहलोत को योगा सिखाने आने वाले शिक्षक रमाकांत मिश्र की नियुक्ति के लिए यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ लोकतंत्र में ठीक नहीं है।भाजपा विधायक नरपत सिंह राजवी ने कहा कि एसएमएस के डॉक्टरों को नियमित करने मामले को लेकर जब वे मंत्री थे उसमें भी ऐसा मामला आया था। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग की अनुमति क्यों नहीं ली जाती है बैक डोर एंट्री क्यों होती है और फिर यह विधेयक लाकर उन्हें नियमित करने का काम किया जाता है।
जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी ने तत्कालइस आरोप का विरोध किया और कहा कि किसी पर आरोप लगाने के लिए आपको नोटिस देने की जरूरत है। प्रतिपक्ष के नेता राजेंद्र राठौर ने कहा कि जब किसी विधेयक पर चर्चा होती है तो विधायक अपनी बात रखते हैं इसमें आपत्ति किस बात की है।
सदन में मौजूद सभापति राजेंद्र पारीक ने आपत्ती को स्वीकार कर लिया और विधानसभा की कार्रवाई से इस चीज को निकालने की अनुमति प्रदान कर दी। उच्च शिक्षा मंत्री राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि इस विधेयक से निश्चित तौर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों के अस्थाई अध्यापकों को स्थाई करने में सहयोग मिलेगा।
भाजपा के विधायक कालूराम ने कहा कि पंचायत सहायकों और संविदा पर काम करने वाले लोगों को नियमित करने के लिए भी इस कानून बनाया जाना चाहिए। कांग्रेस के डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने आर यू एच एस के कोरोना के तहत लगाए गए डॉक्टरों को नियमित करने की मांग रखी।