Saturday, 29 August 2026

एसीबी ने ईओ भर्ती परीक्षा में ओएमआर शीट बदलने के मामले में आरपीएससी सदस्य मंजू शर्मा का नाम एफआईआर में दर्ज, डीजी ने मौखिक जांच के आधार पर दी क्लीनचिट,आरोपियों को भेजा जेल


एसीबी ने ईओ भर्ती परीक्षा में ओएमआर शीट बदलने के मामले में आरपीएससी सदस्य मंजू शर्मा का नाम एफआईआर में दर्ज, डीजी ने मौखिक जांच  के आधार पर दी क्लीनचिट,आरोपियों को भेजा जेल

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अधिशासीअधिकारी (ईओ) की परीक्षा की ओएमआर शीट बदलने के मामले में कवि कुमार विश्वास की पत्नी आरपीएससी के सदस्य मंजू शर्मा को एफआईआर में नाम दर्ज किया है। इस मामले में अन्य आरपीसी के सदस्य की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। 18.50 लाख की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस के नेता और पूर्व घुमंतू कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गोपाल केसावत ने अधिशासी अधिकारी की परीक्षा की ओएमआर शीट बदलने का आरोप लगाते हुए रिश्वत ली थी

एसीबी के परिवादी ने आरपीएससी के चेयरमैन सहित अन्य महिला सदस्य पर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर एसीबी के   कार्यवाहक डीजी हेमंत प्रियदर्शी ने मौखिक जांच के आधार पर आरपीएससी के किसी सदस्य के शामिल नहीं होने की बात कही है। विधानसभा का सत्र चलते सरकार ने इस मामले में एसीबी ने गिरफ्तार पूर्व घुमंतू कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गोपाल केसावत, हनुमानगढ़ टाउन निवासी अनिल कुमार धरेन्द्र, दिल्ली निवासी बह्मप्रकाश और हनुमानगढ़ निवासी रविन्द्र शर्मा के मोबाइल की कॉल डिटेल, चैट सहित अन्य आरोपी की जांच तक नहीं की। आरोपियों को रिमांड पर लेने की बजाय कोर्ट के जरिए  14  दिन की न्यायिक हिरासत में भिजवा दिया।

मुख्य परिवादी एडवोकेट हरदीपसिंह सुंदरिया और दूसरे परिवादी सुंदर ने एसीबी सीकर को 7 जुलाई को लिखित में परिवाद पेश किया, जिसमें बताया कि भर्ती मैरिट में लाने के लिए आरोपी अनिल कुमार धरेन्द्र निवासी हनुमानगढ़ ने आरपीएससी सदस्य मंजू शर्मा और आरपीएससी चेयरमैन के नाम से यह कहकर रुपए मांगे कि ये दोनों 40 लाख लेंगे। 25 लाख रुपए पहले और शेष 15 लाख रुपए भर्ती के बाद लेंगे। इसके बदले में अभ्यर्थी विकास को मैरिट में लाकर ईओ के पद पर नौकरी लगवा देंगे। इस मामले की एसीबी ने एफआइआर दर्ज की।

एसीबी को आरोपी ने ओएमआर सीट देखकर यह भी बताया था कि उसके 62 सवाल सही और 20 सवाल गलत हैं। इस पर विकास और उसके परिजनों को अनिल पर विश्वास हो गया। 40 लाख में सौदा भी तय कर लिया। इसमें 25 लाख पहले और 15 लाख रुपए भर्ती होने के बाद देने की बात कही। इस पर अभ्यर्थी विकास सहित दोनों परिवादी ने एसीबी में शिकायत दी।
एसीबी ने तीन दिन पहले सीकर में शुक्रवार रात तीन आरोपियों को 18.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। एसीबी ने तीनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी गोपाल केसावत सहित अन्य का नाम सामने आया। एसीबी ने शनिवार को गोपाल केसावत को जयपुर के प्रताप नगर आवास पर 7.50 लाख रुपए लेते गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार गोपाल केसावत जयपुर के प्रताप नगर में कुम्भा मागज़्, ब्रह्मप्रकाश दिल्ली, अनिल कुमार धरेन्द्र हनुमानगढ़ टाउन तथा रवीन्द्र शर्मा टिब्बी निवासी है।

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