


राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारीगण को संगठन के कार्य की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है इसलिये बिना समय गवाये सभी लोग अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन में लग जायें। उन्होंने सभी जिलाध्यक्षगण को निर्देश देते हुए कहा कि सात दिवस में निर्धारित प्रोफार्मा में कार्यकारिणी बनाकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि सभी जिलाध्यक्षगण वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से सलाह लेकर तथा जिले में संगठन एवं पार्टी के लिए काम करने वाले निष्ठावान लोगों को प्राथमिक देकर जिला कार्यकारिणी में शामिल करें। उन्होंने कहा कि सभी जिलाध्यक्षगण अगले तीन दिन में अपने-अपने जिलों की ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की बैठक बुलाकर ब्लॉक, मण्डल, बूथ एवं ग्राम पंचायत स्तर तक की कार्यकारिणी सदस्यों से सम्पर्क करें। उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में सभी पार्षदगण, मण्डल अध्यक्षगण, अग्रिम संगठनों के जिलाध्यक्षगण, सहकारी समितियों के अध्यक्षगण को भी शामिल करें।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त पदाधिकारीगण एवं जिलाध्यक्षगण की संयुक्त बैठक आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, जयपुर पर प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
उन्होंने कहा कि नवनियुक्त पदाधिकारियों के लिये नये दायित्व तय किए जा रहे हैं जिसके तहत् उपाध्यक्षगण सम्भाग स्तर पर, महासचिवगण जिला स्तर पर एवं सचिवगण विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले मण्डल एवं ब्लॉक अध्यक्षगण को पुरूस्कृत किया जायेगा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े एवं कांग्रेस नेता राहुल गॉंधी के समक्ष पुरूस्कार प्रदान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान के 53 विधानसभा क्षेत्र जहॉं पिछले तीन चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है, उन विधानसभा क्षेत्रों में विशेष दायित्व प्रदेश सचिवों को प्रदान किए जाएंगे जो कि अपने क्षेत्राधिकार वाले निर्धारित विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की मजबूती एवं विधानसभा चुनावों में विजय के लिए कार्य करेंगे।
डोटासरा ने कहा कि सभी उपाध्यक्षगण, महासचिवगण एवं सचिवगणों के वाट्सएप ग्रुप बनाए जाएंगे जिसमें प्रदत्त दायित्वों के प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि इन वाट्सएप ग्रुप में जो पदाधिकारी सूचना नहीं देगा उसे निष्क्रिय माना जाकर हटा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान के 13 जिले जो कि ईआरसीपी परियोजना से लाभान्वित होंगे उनमें सामाजिक संगठनों को साथ लेकर गॉंव-गॉंव, ढाणी-ढाणी जाकर प्रभारी पदाधिकारी कार्य करेंगे तथा आने वाले समय में इन जिलों में भाजपा की केन्द्र सरकार की वादाखिलाफी के विरूद्ध बड़ा आन्दोलन खड़ा किया जाएगा।