Saturday, 29 August 2026

एकल पट्टे के मामले में धारीवाल सहित संधू, दिवाकर और सैनी को हाईकोर्ट ने दी राहत, सीबीआई जांच को वापस लेने की दी अनुमति


एकल पट्टे के मामले में धारीवाल सहित संधू, दिवाकर और सैनी को हाईकोर्ट ने दी राहत, सीबीआई जांच को वापस लेने की दी अनुमति

एकल पट्टे के मामले में स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जीएस संधू, निष्काम दिवाकर और आर एस अधिकारी ओंकार मल सैनी को राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता सुरेंद्र सिंह को सीबीआई जांच वाली याचिका वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी है।

10 साल पहले जेडीए ने गणपति कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर शैलेंद्र गर्ग के नाम एकल पट्टा जारी किया था । जिसकी शिकायत रामशरण सिंह ने वर्ष 2013 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से की थी। एसीबी ने मामले की जांच करते हुए तात्कालिक एसीएस जीएस संधू, डिप्टी सेक्रेटरी निष्काम दिवाकर, जेडीए जॉन उपायुक्त कमल सैनी, शैलेंद्र गर्ग और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर एसीबी कोर्ट में चालान पेश किया था। एकल पट्टा भी निरस्त कर दिया था।

एसीबी ने स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल को पूछताछ के लिए बुलाया था  जिसके खिलाफ  धारीवाल ने हाईकोर्ट ने याचिका दायर की थी।

सरकार बदलते ही एसीबी कोर्ट ने वर्ष 2022 में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर जीएस सिंधु, निष्काम दिवाकर औरों कार्मेल सैनी के खिलाफ मामला नहीं बनता है। इसके बाद एसीबी ने मामला बंद करने की एसीबी कोर्ट से मंजूरी भी प्राप्त कर ली थी। इसके बाद एसीबी ने चालान वापस लेने का प्रार्थना पत्र लगाया था जिसे एसीबी कोर्ट ने खारिज कर दिया था इसकी अपील तीनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में 12 जनवरी 2023 को की थी जिसे हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी। इसके बाद परिवादी रामशरण सिंह की मृत्यु हो गई थी लेकिन लगाई गई याचिका लंबित चल रही थी जिसे वापस लेने के लिए उसके बेटे सुरेंद्र जी ने कोर्ट में अनुमति मांगी थी इसका विरोध करते हुए आरटीआई करता अशोक पाठक ने किया था लेकिन कोर्ट ने याचिका विद्रोह करने की अनुमति दे दी।


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