


कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्ष लंबे अंतराल के बाद घोषित कर दिए गए हैं। फिलहाल गोविंद सिंह डोटासरा को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया गया है। इस बार की टीम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा के साथ ही डॉ. सीपी जोशी के लोगों को भी कार्यकारिणी में अहमियत दी गई है।
उनकी टीम में 21 उपाध्यक्ष, 49 महासचिव और 121 सचिव के साथ ही सीताराम अग्रवाल को फिर से कोषाध्यक्ष बनाए रखा है। इस बार राजेंद्र चौधरी जो कि 8 साल से प्रदेश उपाध्यक्ष थे उन्हें हटाया गया है। विधायक वेद सोलंकी खुद ही ने उपाध्यक्ष पद पर नहीं रहने की इच्छा प्रकट की थी। तीन मंत्री राजस्व मंत्री रामलाल जाट, जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत मालवीय और राहत मंत्री गोविंद राम मेघवाल को प्रदेश उपाध्यक्ष पद से हटाया गया है।
गोविंद सिंह डोटासरा ने अपने समर्थित कई सचिवों को महासचिव पद पर पदोन्नत किया है। इसमें प्रवक्ता आरती चौधरी, स्वर्णम चतुर्वेदी के साथ ही जसवंत गुर्जर, पुष्पेंद्र भारद्वाज, राम सिंह को महामंत्री और ललित तुनवाल को संगठन महामंत्री बनाया गया है। कुल 11 सचिवों को पदोन्नत कर महासचिव बनाया गया है। पायलट समर्थित विधायकगजराज खटाना को महासचिव से प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। डोटासरा की नई टीम में 17 विधायक और 12 पूर्व विधायकों को जगह मिली है। टीम में महिलाओं को ज्यादा जगह नहीं मिल पाई है।
चार विधायक जिसमें डॉ. जितेंद्र सिंह, गजराज खटाना, हाकम अली और जगदीश चंद्र को उपाध्यक्ष बनाया गया है। जबकि पूर्व मंत्री और विधायक नसीम अख्तर, घनश्याम मेहर, भरतराम मेघवाल, मंजू मेघवाल, विरेंद्र बेनीवाल,डॉ.राजकुमार जयपाल,हीरालाल, कैलाश मीणा, रतन देवासी, रफीक मंडेलिया, दशरथ सिंह, रमेश खंडेलवाल, सुनील शर्मा, जगतार सिंह, डॉक्टर समरजीत, को उपाध्यक्ष बनाया है।
वही 49 प्रदेश महासचिव बनाए गए हैं। इसमें ललित तुनवाल को संगठन महासचिव बनाया है। विधायक प्रशांत बेरवा, राकेश पारीक, रीटा चौधरी, रोहित बोहरा, सुदर्शन सिंह रावत, मनोज मेघवाल, इंद्राज गुर्जर, गणेश घोघरा, अमित चाचा, साफिया जुबेर, इंदिरा मीणा और मुकेश भाकर को महासचिव बनाया है। इसके अलावा जसवंत गुर्जर, जियाउर रहमान, आर सी चौधरी, स्वर्णिम चतुर्वेदी, विशाल जांगिड़, देवराज मीणा, फूल सिंह ओला, डॉ राजेंद्र, प्रतिष्ठा यादव, राखी गौतम, महेंद्र सिंह गुर्जर, प्रशांत शर्मा, पुष्पेंद्र भारद्वाज, रामसिंह कस्वा, मोहन डागर, अजीत सिंह यादव, पूसाराम गोदारा, अमित धारीवाल, विक्रम सिंह शेखावत, लाल चंद जमला, डॉ वीरेंद्र सिंह सिद्धू, महेंद्र सिंह, बसु सुमन यादव, राजपाल शर्मा, गोपाल कृष्ण, चांदमल जय, राजेंद्र, हरीश चौधरी, मीनाक्षी चंद्र, राज, सुरेश, आंजना मेघवाल, संजय कुमार जाटव, शिमला देवी नायक और उमा राम मेघवाल को शामिल किया है। 121 सचिव भी बनाए गए हैं।
25 जिला अध्यक्षों में रमेश पांडेय को बांसवाड़ा का, भरतपुर दिनेश सुपा, भीलवाड़ा का अक्षय त्रिपाठी, बीकानेर ग्रामीण का विश्वा राम सियाग, बूंदी का सीएल प्रेमी, चित्तौड़गढ़ का भेरूलाल चौधरी, शुरू इंद्राज कीचड़, धौलपुर का साकेत बिहारी शर्मा, डूंगरपुर का बल्लभ राम पाटीदार, गंगानगर का अंकुर मंगलानी, हनुमानगढ़ का सुरेंद्र दादरी, जयपुर शहर का आरआर, तिवारी, जयपुर ग्रामीण का विधायक गोपाल लाल मीणा, जालौर का भंवरलाल में, झुंझुनू का दिनेश सुंडा, करौली का शिवराज मीणा, कोटा शहर का रविंद्र त्यागी, कोटा ग्रामीण का भानु प्रताप सिंह, प्रतापगढ़ का भानु प्रताप सिंह, पालिका अजीत दर्द, सिरोही का आनंद कुमार जोशी, सवाई माधोपुर का गिरिराज सिंह गुर्जर, टोंक का हरी प्रसाद बेरवा, उदयपुर सिटी का फतेह सिंह राठौड़, उदयपुर ग्रामीण का कचरू लाल चौधरी को जिला अध्यक्ष बनाया है।अजमेर शहर और ग्रामीण जिला अध्यक्ष को लेकर विवाद है सचिन पायलट अपनी व्यक्ति को बनाना चाहते हैं वही मुख्यमंत्री उस पर राजी नहीं है ऐसे में यह दोनों पद अभी तक अटके पड़े है।