


कांग्रेस हाईकमान द्वारा दिल्ली में होने वाली बैठक से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट की मांगों पर कार्रवाई करना शुरू कर दिया है।
सीएम गहलोत ने मंगलवार को एक ट्वीट कर कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव उषा शर्मा को निर्देशित किया है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग, कार्मिक विभाग, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा कर बेहतर प्रक्रिया तैयार करें। पेपर लीक के खिलाफ बनाए गए कानून में भी अधिकतम सजा का प्रावधान उम्रकैद करने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में बिल लाने का फैसला किया है।
सीएम गहलोत के ट्वीट से यह स्पष्ट होता है कि आने वाले समय में सचिन पायलट को कोई बड़ी जिम्मेदारी देने के साथ ही उनकी मांगों पर भी कार्रवाई किया जाना संभव लग रहा है। इसकी शुरुआत सीएम गहलोत ने मंगलवार को मुख्य सचिव को निर्देश देकर यह जाहिर कर दिया है कि विधानसभा के सत्र में पेपर लीक के मामले में जो कानून लाया गया था उसमें उम्र कैद की सजा का प्रावधान जोड़ा जाएगा।