


नए जिलो तो बनाने के विवाद के बावजूद राजस्व विभाग के प्रस्ताव को वित्त विभाग ने मंजूरी प्रदान कर दी है। अब 3 तीन नए संभाग सीकर, पाली और बांसवाड़ा के जिले भी तय कर दिए गए हैं। तीनों संभाग में कुल 11 जिले दिए गए हैं। इसमें से सबसे बड़ा जिला कुचामन-डीडवाना रहेगा। जिसमें कुचामन, डीडवाना, मकराना और लाडनू तहसील को शामिल किया गया है। सबसे छोटा जिला दूदू बनेगा। इसमें सांभर फुलेरा को अलग करके जयपुर ग्रामीण नया जिला प्रस्तावित किया गया है। यही नहीं चाकसू के विधायक वेद प्रकाश सोलंकी के विरोध के चलते माधोराजपुरा तहसील को भी दूदू में शामिल नहीं किया गया है।
राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने स्वीकार किया कि अधिसूचना जारी करने में चार जिलों में तहसील, उप तहसील और जिला मुख्यालय हेड क्वार्टर को लेकर तकनीकी काम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में कुछ विवाद के चलते आपसी संबंधों की कोशिश की जा रही है। मौजूदा स्थिति में फिलहाल नए जिले बनाने का प्रस्ताव की फाइल राजस्व विभाग के पास है और नए जिले बनाने की कमेटी की सिफारिश के आधार पर इसे अंतिम निर्णय के लिए सीएम अशोक गहलोत के पास भेजा जाएगा।उन्होंने बताया कि आगामी 2 दिन में राजस्व विभाग नए जिला और संभाग बनाने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर लेगा। पहले 15 जिले और दो 2 जिलों की फाइल फाइनेंस को भेजी थी जो मंजूर कर दी गई है जिलों के लिए प्रस्तावित भवन के नक्शे भी तैयार कर भेजे गए हैं सभी बिल्डिंग ए मिनी सचिवालय के तौर पर विकसित की जाएगी। नए जिलों में अन्य विभागों के भवन और स्टाफ की प्रक्रिया आगामी समय में शुरू की जाएगी। नए संभाग सीकर में सीकर, चूरू, झुंझुनू और नीमकाथाना जिले रखना प्रस्तावित किया गया है। पाली संभाग में पाली, जालौर, सांचौर और सिरोही जिले और बांसवाड़ा संभाग में बांसवाड़ा डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिले को शामिल किया है।
4 जिलों के विवाद के चलते कुछ जनप्रतिनिधियों में आपसी विवाद है उसे समन्वय कर सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों के चलते ही गजट नोटिफिकेशन लेट हो रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि अब 15 जिले का नोटिफिकेशन शीघ्र जारी कर दिया जाएगा। कुचामन-डीडवाना जिले के मुख्यालय को लेकर विवाद है। सरकारी उप सचेतक महेंद्र चौधरी जिले का मुख्यालय कुचामन में कराने की मांग कर रहे हैं। जबकि कांग्रेस विधायक चेतन डूडी जिला मुख्यालय का हेडक्वार्टर डीडवाना में कराने की इच्छुक है। दूसरी आपत्ति केकड़ी, गंगापुर और बालोतरा को लेकर है। तकनीकी कमियों का काम बाकी है सीमा निर्धारित कर दी गई है इन जिलों के विवाद के चलते अब इन जिलों कीअधिसूचना जारी नहीं होने की संभावना है। लेकिन शेष 15 जिलों की अधिसूचना शीघ्र जारी करने की तैयारी की जा रही है।