

चित्तौड़ जिले के सदर निम्बाहेड़ा थाने के धीनवा पेट्रोल पंप के पास से 05 जून को तीन जनों को बंधक बना भैसों से भरी पीकअप लूट के मामले का सदर निम्बाहेड़ा थाना पुलिस द्वारा खुलासा कर दिया है। आरोपी राहुल नायक (26) निवासी थाना जावदा जिला नीमच और बिरम दास उर्फ दीपक बैरागी (22) निवासी थाना पिपलिया मण्डी जिला मन्दसोर एमपी को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी राजन दुष्यंत ने बताया कि 5 जून को कामलीखेडा जिला उज्जैन निवासी ज्ञानसिंह गुर्जर ने थाना सदर निम्बाहेडा पर दी रिपोर्ट में बताया कि वह संजय गुर्जर व भगवानसिंह बलाई रानीवाडा सांचोर जिला जालोर से तीन भैंसे खरीद कर पिकअप में भर कर अपने गांव जा रहे थे। मध्य रात्रि को धीनवा पट्रोल पम्प के पास एक बिना नम्बरी बाइक पर आये तीन जनों ने उनकी पिकअप के आगे गाड़ी लगा दी।
कुछ ही देर मे दो और बाइक पर 4-5 लोग आये। सभी ने पिकअप से तीनों को नीचे उतारा और गाड़ी की चाबी छीन ली। लठ व पत्थरो से मारपीट करते हुये करीब 150 मीटर दूर जंगल मे लाईट के पोल पर तीनो को बांध पिकअप को भैंसो सहित लुट कर ले गये। पिकअप के साथ तीनो के मोबाईल व 14 हजार रूपये नगद भी लुट कर ले गये। घटना की रिपोर्ट पर सदर निम्बाहेड़ा थाने पर लूट का प्रकरण दर्ज जांच एसआई नारू लाल के जिम्मे की गई।
15 जून को पुलिस कर्मियों के हथियार लूट गोली मार तीन अभियुक्त हुए थे फरार
उल्लेखनीय है कि इसी मामले में पूर्व में 15 जून को थाना सदर निम्बाहेड़ा पुलिस, थाना पिपलिया मंडी जिला मंदसौर निवासी लखन बावरी पुत्र राजु व नरेन्द्र बावरी पुत्र गोर्वधन और थाना नारायणगड जिला मंदसोर निवासी दिनेश बावरी को पिपलिया मंडी से डिटेन कर ला रही थी, नीमच के पास तीनों अन्य साथियों की मदद से पुलिस के साथ मारपीट कर हथियार लूट कर भाग गए थे। जिसमें एसआई नारू लाल दोनों पैरों की जांघो में व एक कॉन्स्टेबल के हाथ की उंगली पर गोली लगने से घायल हुए थे।
फरार इन तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रत्येक पर 30-30 हजार रुपये के ईनाम की घोषणा की थी। जिसमें से दो आरोपियों लखन बावरी व नरेन्द्र बावरी को मंदसौर पुलिस व चित्तौड़गढ़ पुलिस ने आमजन के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया है। जिन्हें शीघ्र चित्तौड़गढ़ लाया जाएगा।
तरीका वारदातः-
आरोपियों ने पुलिस पुछताछ पर बताया कि वे सभी लोग एक जगह इक्टठे होकर रात 11 बजे के बाद सभी मोटरसाईकिलो पर रवाना होकर हाईवे पर सुनसान जगह देखकर वहा से गुजर रहे वाहनों के आगे बाईक लगा रोक कर उनके साथ मारपीट कर लुटपाट की वारदाते करते रहते है। लूट के लिये रोजाना अलग अलग जगह निश्चित करके ऐसी घटना को अंजाम देते रहते है।
घटना का खुलासा करने वाली टीम
एएसपी बुग लाल मीणा, सीओ बेनी प्रसाद समेत थानाधिकारी विरेन्द्र सिंह, एसआई नारू लाल, एएसआई बाबूलाल, सुन्दरपाल, हैड कॉन्स्टेबल प्रमोद कुमार, कॉन्स्टेबल जीवन लाल, नारायण लाल, जगदीश, रवि, दिनेश, घनश्याम सदर निम्बाहेड़ा एवं साइबर सेल के हैड कांस्टेबल राजकुमार, कॉन्स्टेबल रामावतार (विशेष भूमिका), प्रवीण कुमार सहित मध्यप्रदेश पुलिस का विशेष सहयोग।