


एकीकृत महासंघ के तत्वाधान में अजमेर में जेल प्रहरियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन 5 दिन भी जारी रहा। आंदोलन के तहत जेल प्रहरियों ने मैस का बहिष्कार कर खाना पीना छोड़ दिया और भूखे ड्यूटी देने से लगभग 35 प्रहरियों की तबीयत बिगड़ने के कारण जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं। जेल प्रहरियों ने राजस्थान पर्यटक विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौर अपनी मांगों के बारे में सरकार से बातचीत कर मांगे पूरी कराने का आग्रह किया है ।
अजमेर में केंद्रीय जेल, हाई सिक्योरिटी जेल, महिला जेल और जेल ट्रेनिंग सेंटर के जेल प्रहरी संयुक्त रूप से अपनी मांगों को लेकर गत 13 जून से आंदोलन कर रहे हैं। पहले चरण में जेल प्रहरियों ने पहले काली पट्टी बांधकर विरोध किया। मांगे पूरी नहीं होने पर 21 जून से मैस का बहिष्कार कर भूखे रहकर ड्यूटी देने का काम कर रहे हैं। भूखे रहने से जेल प्रहरियों की तबीयत खराब होने का सिलसिला जारी है। तबीयत खराब होने वाले जेल प्रहरियों जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में इसी तरह गए हैं जहां भी जेल प्रहरियों खाना-पीना छोड़ रखा है।
एकीकृत कर्मचारी महासंघ अजमेर के अध्यक्ष कांति प्रसाद शर्मा ने सीएम गहलोत को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जेल प्रहरियों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल के कारण जेल प्रहरियों की तबीयत खराब हो रही है और अब तक 35 से अधिक जेल प्रहरियों को अस्पताल में भर्ती किया हुआ है। इसके बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है।
उल्लेखनीय है कि 23 जनवरी 2023 को डीजी जेल लिखित में समझौता किया था कि राजस्थान के जेल प्रहरियों का वेतन राजस्थान पुलिस और आरएसी के बराबर किया जाएगा। दिल्ली पुलिस का भी निरीक्षण करवाया था और समान काम समान वेतन के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं ने लिखित समझौता हुआ था। लेकिन दुर्भाग्य है कि वह लागू नहीं किया जा रहा है।