


केन्द्रीय पशुपालन राज्यमंत्री संजीव बालियान ने कहा कि पशुधन उत्पाद एवं पशुधन परिवहन बिल 2023 (दी लाईवस्टॉक प्रोडक्ट एण्ड लाईस्टॉक इम्पोरटेशन एण्ड एक्सपोरटेशन बिल, 2023) ड्राफ्ट तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि को लेकर 17 जून तक आम लोगों से सुझाव मांगे गए थे। इसको गलत अर्थ में लिया गया और इसका जैन समाज सहित विभिन्न वर्ग विरोध कर रहा है । उन्होंने कहा कि यह ड्राफ्ट और अब इसका विरोध सामने आ रहा है तो इसमें संशोधन किया जाएगा।
भाजपा मुख्यालय पर मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी । उन्होंने कहा कि आजादी के इतने साल बाद भी कुछ अंग्रेजों के बनाए हुए कानून चल रहे हैं। उन्हीं में से एक लाईवस्टॉक इम्पोरटेशन एक्ट, 1898 है। पीएम मोदी का निर्देश था कि जो भी अंग्रेजों के द्वारा बनाए हुए कानून हैं उनमें समय के साथ-साथ बदलाव आवश्यक हैं। उसके तहत हमने एक ड्राफ्ट प्रपोजल तैयार किया है जिसका नाम है पशुधन उत्पाद एवं पशुधन परिवहन बिल 2023 (दी लाईवस्टॉक प्रोडक्ट एण्ड लाईस्टॉक इम्पोरटेशन एण्ड एक्सपोरटेशन बिल, 2023) इसके अन्तर्गत आमजन से सुझाव मांगे जा रहे हैं। देश में पशुपालन क्षेत्र में सर्वांगीन विकास और पशुधन से उत्पादित होने वाले उत्पादों की गुणवत्ता को बढाना, पशुधन परिवहन का वैधानिक रूप से नियंत्रण करना हो सके। आज जब हम आजादी का 75वाँ अमृत महोत्सव मना रहे हैं ऐसे में यह बहुत आवश्यक है कि आजादी से पूर्व के समय से चले आ रहे कानूनों बदलकर वर्तमान परिस्थिति के अनुसार करना चाहिए। केंद्र सरकार इसके लिए निरंतर प्रयासरत है। उक्त कानून को बदलने के लिए पशुधन उत्पाद बिल 2023 तैयार किया गया। उक्त कानून को लेकर जैन समाज, पशुप्रेमी, पशु संरक्षण एवं सुरक्षा के क्षेत्र मंे काम करने वाली सामाजिक संस्थाओं एवं पशु पालकों को बिल के संबंध में आशंका थी।
इस विषय को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल पद्म भूषण डॉ. डीआर मेहता, सुनील कोठारी, विमल सुराना के नेतृत्व में भाजपा मुख्यालय पर केन्द्रीय पशुपालन राज्य मंत्री संजीव बालियान को उक्त विषय से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा, जिस पर संजीव बालियान ने उत्तर देते हुए कहा कि केन्द्र में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ‘‘सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय’’ में विश्वास रखने वाली सरकार है, प्रत्येक प्राणी की भावनाओं को कद्र करने वाली सरकार है। हमारी सरकार में न तो पूर्व में कोई जनविरोधी निर्णय लिया गया और ना ही लिया जाएगा। पशु उत्पाद बिल 2023 के संबंध में आपने जो सुझाव दिये हैं उन पर विचार कर बिल में यथा संभव कदम उठाए जाएंगे।