


11 सूत्री मांग को लेकर 64 दिन से चली आ रही अधीनस्थ मंत्रालय कर्मचारियों की हड़ताल मुख्य सचिव उषा शर्मा से हुए कर्मचारियों के अध्यक्ष समझौते के बाद समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। इस घोषणा के बाद कर्मचारियों ने अपने नेताओं के समझौते का विरोध किया और कहा कि अगर कमेटी के गठन भी करना था तो फिर 64 दिन हड़ताल क्यों की गई !
धरना स्थल मानसरोवर शिप्रा पथ मैदान पर फिलहाल कर्मचारियों ने अपना हड़ताल समाप्त नहीं की है और वह कर्मचारी नेताओं से धोखा देने की बात कह रहे हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अगर कमेटी का गठन करना था तो आखिर इतनी लंबी हड़ताल की क्या जरूरत पड़ी थी । उन्होंने कहा कि कर्मचारी नेताओं ने गलत समझौता किया है इसका हम विरोध करेंगे। फिलहाल धरना स्थल पर कर्मचारी जमे हुए हैं। मंगलवार को इस पर क्या निर्णय करते हैं यह देखने की बात है। लेकिन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने समझौता हस्ताक्षर पर साइन कर दिए हैं।
अधीनस्थ कर्मचारियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव किया था। प्रदर्शन के बाद मुख्य सचिव उषा शर्मा ने वार्ता के लिए बुलाया और उसके बाद, कार्मिक विभाग के प्रमुख शासन सचिव और कर्मचारी नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई और उसके बाद तय किया गया कि ग्रेड पे ₹3600 करने और योगिता ग्रेजुएशन करने पर कमेटी का गठन किया जाएगा। अन्य मांगो पर भी सकारात्मक रूप बनाते हुए शीघ्र जारी किए जाएंगे आदेश और इसी के साथ कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने के लिए समझौता कर लिया।