


परमपूज्य संत प्रवर रामदास महाराज (बापजी) पूरनासर धाम की सद्प्रेरणा व पावन सानिध्य मे आगामी 1 जुलाई को सिद्दपीठ श्री देवीपुरा धाम मे बिराजे दक्षिण मुखी बालाजी महाराज को सवा ग्यारह क्विंटल आटे, डार्ईफ्रूट ,सूजी, शुद्ध गाय के देशी घी से तैयार किए गए कुल वजन 2700 किलोग्राम के रोटे का बाल भोग एक जुलाई शनिवार को सुबह सवा आठ बजे लगाया जाएगा।
इस वृहत स्तरीय आयोजन को लेकर सोमवार को मंदिर परिसर मे आयोजित प्रेस वार्ता मे विस्तृत जानकारी देते हुये महंत ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि शेखावाटी अंचल मे पहली बार बालाजी की विशेष कृपा से एवं संतों के पावन सानिध्य मे यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।इस आयोजन मे हजारों बालाजी के भक्त साक्षी बनेगे। उन्होंने बताया कि 30 जून को मंदिर प्रांगण मे रोटे बनाने के कुशल कारीगरों द्वारा पूरी तैयारी के साथ कार्य प्रारंभ किया जायेगा। इसके लिये तैयार विशेष भट्टी मे गाय के गोबर कंडो से तैयार अग्नि मे बङे तवे व बेलन की सहायता से रोटा तैयार कर उसकी सिकायी (पकाया) की जायेगी जिसमे तकरीबन 18 घंटे का समय लगेगा। इस दौरान अखंड संकीर्तन, भजन,मंत्रोच्चार विद्वानों द्वारा किया जाएगा।
शर्मा ने बताया कि आयोजन की तैयारियां महाराज श्री बापजी के सानिध्य मे विधि विधान से प्रारंभ कर दी गई है। रोटे को तैयार करने मे काम मे आने सभी संसाधन मंदिर परिसर मे दर्शनार्थियों के लिये रखे गये है। आयोजन के पश्चात नई पीढ़ी के लिये इन सभी को संजोकर रखा जाएगा। सूरत, जोधपुर, फलोदी,पूरनासर के भक्त पूरी शुद्धता व विधि के अनुसार रोटा बनाने के लिये पूरी टीम के साथ व्यवस्थाओ मे जुट गये है। सहयोगी के रूप मे सीकर के भक्त गण अपनी सेवाएं देकर आयोजन को सफल बनाने मे जुट गए है।
श्री देवीपुरा बालाजी मंदिर ट्रस्ट ने जनपद के सभी धर्म प्रेमी सज्जनों और माताओं व बहनों से इस आयोजन मे भाग लेने का आग्रह किया है। शर्मा ने बताया कि बालाजी के भोग प्रसादी लगाने के बाद रोटे का मशीनो द्वारा चूरमा तैयार करवाकर प्रसादी का वितरण किया जाएगा।प्रेसवार्ता मे हीरालाल पारीक सूरत,वासुदेव गौङ जोधपुर, निर्मल माटोलिया, राजेन्द्र मोदी,जय प्रकाश ऋषिका, अमित शर्मा, प्रहलाद जोशी,अभिषेक शर्मा, प्रहलाद मितल,महेश शर्मा, रमेश शर्मा, प्रेम सैनी मौजूद थे।