Saturday, 29 August 2026

सीएम गहलोत घोषणा करें सरकार बनी तो मैं मुख्यमंत्री का दावेदार नहीं रहूंगा युवाओं को दूंगा मौका तो फिजा बदलेगी : भरत सिंह


सीएम गहलोत घोषणा करें  सरकार बनी तो मैं मुख्यमंत्री का दावेदार नहीं रहूंगा युवाओं को दूंगा मौका तो फिजा बदलेगी :  भरत सिंह

कांग्रेस प्रभारी रंधावा के बयान के बाद सांगोद से कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भरत सिंह ने रंधावा के मुलाकात के बाद कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अब युवाओं के लिए त्याग कर देना चाहिए। उन्हें यह भी घोषणा करनी चाहिए कि मैं अब आगे मुख्यमंत्री नहीं बनूंगा और नए चेहरे के साथ रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैंने निर्णय कर लिया है कि अब युवाओं को चांस देने के लिए वर्ष 2023 में विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ूंगा। यही निर्णय सीएम गहलोत को भी करना चाहिए और उनके बेटे को आगे कर चुनाव लड़ाकर जिताना चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भरत सिंह ने कहा कि सीएम गहलोत को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह घोषणा करनी चाहिए कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो मैं मुख्यमंत्री का उम्मीदवार नहीं रहूंगा। उन्होंने कहा कि यह भी कहना चाहिए कि युवाओं को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। इस घोषणा से निश्चित तौर पर राजस्थान की राजनीति में व्यापक बदलाव आएगा और कांग्रेस निश्चित तौर पर चुनाव जीतेगी।

वरिष्ठ विधायक भरत सिंह ने कहा कि  सीएम गहलोत से मुंह नहीं छूटता है और वह यह घोषणा नहीं कर सकते। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई दुकान चलाता है और उसका पिता बुजुर्ग हो जाता है तो सारा काम काज  बेटे को दे देता है और वह तो पीछे बैठकर कामकाज की निगरानी करता है पूर्ण राम यदि कोई इसमें गलती हो जाती है तो उसे  सुधरवाने का काम करता है। 

 उन्होंने कहा कि मैंने तो सीएम गहलोत को कई मामलों में पत्र लिखे लेकिन आज तक उन्होंने उस पर कोई कार्यवाही नहीं की। उन्होंने कहा कि विभिन्न मामलों में भ्रष्टाचार की बू आती है उनके खिलाफ भी कार्रवाई नहीं होने से मुझे ग्लानि होती है और अच्छे लोगों को आगे बढ़ने देने नहीं देने से निश्चित तौर पर कांग्रेस को नुकसान होता है। 

उन्होंने कहा कि मैं कभी भी गलत लोगों के पक्ष में नहीं रहता और मुझे जहां भ्रष्टाचार लगता है उस को उजागर करने में मैं पीछे नहीं रहता हूं । यही कारण है कि मैंने अब तक  एक दर्जनों पत्र सीएम गहलोत को लिखें लेकिन उस पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने से मुझे दुख होता है। सीएम गहलोत आखिर 10 लोगों के पक्ष में क्यों हो गए यह तो वही बता सकते हैं लेकिन स्थिति ठीक नहीं है।

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